विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव में अधोसंरचना विकास पर अरुण साव ने रखी बात
नवा रायपुर में आयोजित विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026 में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राज्य में अधोसंरचना विकास, शहरीकरण और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि राज्य में अधोसंरचना विकास पर अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं। कॉन्क्लेव में आवास, जलापूर्ति, सार्वजनिक परिवहन, सड़क और कनेक्टिविटी जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर के नवा रायपुर में 18 सितंबर 2026 को आयोजित ‘विकसित छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव-2026’ में उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने राज्य में अधोसंरचना विकास को लेकर अपनी बात रखी। इकोनॉमिक टाइम्स ग्रुप द्वारा आयोजित कॉन्क्लेव के विशेष सत्र में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास का दायरा लगातार बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार अधोसंरचना विकास पर अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा चुके हैं।
अरुण साव ने कहा कि सड़क, परिवहन और कनेक्टिविटी किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। बेहतर सड़कें और सुगम परिवहन व्यवस्था लोगों की आवाजाही को आसान बनाने के साथ उद्योग, व्यापार और निवेश से जुड़ी गतिविधियों के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अधोसंरचना विस्तार को आर्थिक गतिविधियों और विकास की गति से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने तेजी से बढ़ते शहरीकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि शहरों की आबादी बढ़ने के साथ नागरिकों की जरूरतें भी बदल रही हैं। ऐसे में शहरी सुविधाओं का विकास केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। आवास, जलापूर्ति, सार्वजनिक परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए आधुनिक अधोसंरचना तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
कॉन्क्लेव में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर ने भी शहरी अधोसंरचना से जुड़े विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहरीकरण के विस्तार के साथ शहरों की जरूरतों का स्वरूप बदल रहा है। इसी के अनुरूप भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आधुनिक शहरी ढांचा विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया।
उप मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की विकास संबंधी नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार दूरस्थ और अपेक्षाकृत कम विकसित क्षेत्रों में कनेक्टिविटी तथा आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों का उदाहरण देते हुए वहां कनेक्टिविटी और अधोसंरचना के विस्तार का उल्लेख किया। यह उनके संबोधन में व्यक्त किया गया दृष्टिकोण है।
कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के विकास, अधोसंरचना, शहरीकरण और निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में इकोनॉमिक टाइम्स के सीनियर एसोसिएट एडिटर अर्पित गुप्ता, टीपीआरईसी के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर संजय बांगा तथा अनिएक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नीरव शाह सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अधोसंरचना विकास को लेकर आयोजित इस चर्चा में सड़क और परिवहन से लेकर आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन तक विभिन्न क्षेत्रों को भविष्य की शहरी जरूरतों से जोड़ने पर जोर रहा। राज्य सरकार द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अधोसंरचना व्यय किया जा चुका है। आने वाले समय में बढ़ते शहरीकरण और नागरिक आवश्यकताओं के अनुरूप इन क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई।