मासोरा और दहिकोंगा में शुरू हुआ आजीविका सेवा केंद्र, महिलाओं के सशक्तिकरण को मिलेगा नया संबल
कोंडागांव जिले के मासोरा और दहिकोंगा में आजीविका सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। जनप्रतिनिधियों और महिला क्लस्टर संगठनों की सहभागिता से शुरू हुए इन केंद्रों से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोज़गार और आर्थिक सशक्तिकरण का अवसर मिलेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. राज पांडे, केशकाल कोंडागांव | जिले के ग्राम मासोरा और दहिकोंगा में ग्रामीण महिलाओं और समुदाय के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में आजीविका सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। मासोरा में आशा महिला क्लस्टर संगठन और दहिकोंगा में गरीमा महिला क्लस्टर संगठन के अंतर्गत स्थापित इन सेवा केंद्रों का उद्घाटन जनपद सदस्य, ग्राम सरपंच एवं क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारियों के कर-कमलों द्वारा विधिवत रूप से संपन्न हुआ।
उद्घाटन अवसर पर सर्वप्रथम दीप प्रज्वलन किया गया, जिसके पश्चात फीता काटकर आजीविका सेवा केंद्र की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं, ग्रामवासी, आजीविका मिशन से जुड़े प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जनपद सदस्य ने अपने संबोधन में कहा कि आजीविका सेवा केंद्र ग्रामीण महिलाओं और स्थानीय समुदाय के लिए एक सशक्त मंच के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि यह केंद्र महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि सेवाओं, प्रशिक्षण, उद्यमिता विकास और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगा। इससे महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और उनके जीवन स्तर में सुधार आएगा।
ग्राम सरपंच ने कहा कि आजीविका सेवा केंद्र की स्थापना से गांव की महिलाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इससे न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि गांव के समग्र विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस केंद्र से जुड़कर इसका अधिकतम लाभ उठाएं।
क्लस्टर संगठनों के पदाधिकारियों ने आजीविका सेवा केंद्र की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से विभिन्न आयवर्धक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इनमें कृषि संबंधी सेवाएं, स्थानीय उत्पादों का विपणन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, स्वरोजगार से जुड़े कार्य और सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शामिल होगी। केंद्र का उद्देश्य महिलाओं को संगठित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित महिला समूह सदस्यों ने इस पहल को अपने भविष्य के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक ऊर्जा के साथ किया गया।
आजीविका सेवा केंद्र की शुरुआत से मासोरा और दहिकोंगा क्षेत्र में रोजगार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।