रातापानी अभ्यारण के भीम कोठी जंगल में संदिग्ध हालत में टाइगर की मौत, पोस्टमार्टम के बाद मौके पर किया गया अंतिम संस्कार

मध्य प्रदेश के बुधनी क्षेत्र स्थित रातापानी अभ्यारण के भीम कोठी जंगल में एक युवा टाइगर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वन विभाग ने मौके पर पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार किया, जबकि मौत के कारणों की जांच जारी है।

Jan 23, 2026 - 10:56
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रातापानी अभ्यारण के भीम कोठी जंगल में संदिग्ध हालत में टाइगर की मौत, पोस्टमार्टम के बाद मौके पर किया गया अंतिम संस्कार

UNITED NEWS OF ASIA. घनश्याम शर्मा, बुधनी (मध्य प्रदेश) | बुधनी क्षेत्र से एक बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। रातापानी अभ्यारण के अंतर्गत आने वाले भीम कोठी जंगल क्षेत्र में एक टाइगर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। यह घटना 22 जनवरी की सुबह सामने आई, जब वन विभाग की टीम टाइगर गणना के नियमित कार्य में जुटी हुई थी। इसी दौरान जंगल में एक टाइगर मृत अवस्था में पाया गया, जिसके बाद तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही वन विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर सीसीएफ भोपाल, डीएफओ सीहोर, एसडीओ फॉरेस्ट बुधनी सुकृति ओसवाल, वन परिक्षेत्र अधिकारी रजत द्विवेदी सहित पशु चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम मौजूद रही। अधिकारियों की उपस्थिति में पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई।

वन विभाग द्वारा शाम करीब 5 बजे घटनास्थल पर ही टाइगर का पोस्टमार्टम किया गया। सभी आवश्यक कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद लगभग 6:30 बजे उसी स्थान पर टाइगर का अंतिम संस्कार किया गया। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

वन परिक्षेत्र अधिकारी रजत द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि मृत टाइगर की उम्र लगभग दो से तीन वर्ष के बीच आंकी जा रही है। फिलहाल टाइगर की मौत के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम के दौरान बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

वन विभाग ने सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कर दी है। इसमें प्राकृतिक कारण, आपसी संघर्ष, बीमारी या किसी अन्य बाहरी कारण की संभावना से भी इंकार नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रातापानी अभ्यारण क्षेत्र में इस प्रकार की घटना से वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन दोनों में चिंता का माहौल है। वन विभाग ने अभ्यारण क्षेत्र में निगरानी और गश्त को और तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।