रतावा ग्राम में जैविक खेती और फसल चक्र परिवर्तन पर कार्यशाला, किसानों को दिए लाभकारी सुझाव
रतावा ग्राम पंचायत में कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में सरपंच उमेश देव ने किसानों को जैविक खेती और फसल चक्र परिवर्तन के महत्व पर मार्गदर्शन दिया। किसानों को बताया गया कि रसायनिक उर्वरक कम उपयोग कर दलहन और तिलहन की फसल लगाकर मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है।
UNITGED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, नगरी। ग्राम पंचायत रतावा के आश्रित ग्राम आमगांव वन में कृषि विभाग द्वारा दिनांक 20/09/2025 को एक दिवसीय जैविक खेती एवं फसल चक्र परिवर्तन कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उमेशचंद देव, सरपंच ग्राम पंचायत रतावा उपस्थित थे।
उमेश देव का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उमेश देव ने कहा कि वर्तमान समय में कृषि कार्य में परिवर्तन लाना अति आवश्यक है। किसानों का रसायनिक उर्वरक पर अधिक निर्भर होना मिट्टी की उर्वरता को नुकसान पहुंचा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को जैविक खेती पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
उमेश देव ने यह भी बताया कि फसल चक्र परिवर्तन करना जरूरी है। एक ही फसल बार-बार लगाने से खेत खराब होते हैं। दलहन और तिलहन की फसल लगाने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फसल की पैदावार भी अच्छी होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख व्यक्ति और किसान
कार्यशाला में अर्जुन नेताम, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सर्कल घटुला, कृष्ण कुमार मरकाम, कृषक मित्र ग्राम रतावा, कृष्णा सलाम, उपसरपंच, निर्मल मरकाम, हीरा मरकाम, हरि शंकर मरकाम, धिराज सलाम सहित प्रगतिशील किसान और कई अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। दिलीप कुमार मरकाम, सालिक राम, रतीराम मरकाम, हरक राम कोटवार, राम जीवन, पतीराम, राजेंद्र मरकाम, बैसाखू राम मरकाम भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यशाला का उद्देश्य
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के लाभ, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के तरीके और फसल चक्र परिवर्तन के महत्व के प्रति जागरूक करना था। किसानों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया और जैविक खेती अपनाने का संकल्प लिया।