जल संरक्षण जन आंदोलन बने तभी बढ़ेगा भूजल स्तर : राज्यपाल रमेन डेका

कबीरधाम जिले की समीक्षा बैठक में राज्यपाल रमेन डेका ने जल संरक्षण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वृक्षारोपण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने पीएम जनमन योजना, स्वास्थ्य सेवाओं, जैविक खेती और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

May 16, 2026 - 13:36
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जल संरक्षण जन आंदोलन बने तभी बढ़ेगा भूजल स्तर : राज्यपाल रमेन डेका

UNITED NEWS OF ASIA.N छत्तीसगढ़ के राज्यपाल Ramen Deka ने कबीरधाम जिले में जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर देते हुए अधिकारियों को व्यापक स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देना बेहद आवश्यक है, तभी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को भूजल संकट से बचाया जा सकेगा। बैठक में उप मुख्यमंत्री Vijay Sharma और पंडरिया विधायक Bhawna Bohra भी उपस्थित रहीं।

राज्यपाल ने कहा कि वर्षा जल प्रकृति का मुफ्त संसाधन है, जिसे संरक्षित कर वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भूजल स्तर को भी बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने प्रत्येक पक्के भवन और प्रधानमंत्री आवास में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने पर जोर दिया। साथ ही खेतों में डबरी निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने और किसानों को इसके लिए प्रोत्साहित करने की बात कही।

पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्यपाल ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल पौधरोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने जिले का फॉरेस्ट कवर बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों में भी अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने पर जोर दिया।

कृषि क्षेत्र की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने आधुनिक तकनीकों को अपनाने, किसानों को प्रशिक्षण देने और जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने हाइड्रोपोनिक्स और ड्रिप इरिगेशन जैसी आधुनिक कृषि पद्धतियों पर बड़े स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि नई तकनीकों के उपयोग से कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सुधार होगा।

पीएम जनमन योजना की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक और आर्थिक जीवन में सुधार लाना है। उन्होंने आवास, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार, पोषण आहार उपलब्धता और एमडीआर टीबी मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने पर बल दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा एम्स के साथ एमओयू कर मोतियाबिंद पीड़ित मरीजों का निःशुल्क उपचार कराया जा रहा है।

राज्यपाल ने कहा कि हर जिले और विकासखंड की अपनी अलग पहचान होनी चाहिए, जो योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के माध्यम से स्थापित की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों से अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर लोगों के जनजीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का आह्वान किया। बैठक में कलेक्टर गोपाल वर्मा, पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।