मिली जानकारी के अनुसार, डोंगरगांव थाना क्षेत्र के करेठी गांव में संचालित एक महिला समूह में यह वित्तीय अनियमितता सामने आई थी। आरोप है कि समूह की अध्यक्ष ने सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करते हुए बड़ी रकम का गबन किया और घटना के बाद से ही फरार हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों ने डोंगरगांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की, लेकिन लंबे समय तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर सेल की टीम को भी जांच में शामिल किया गया। टीम ने तकनीकी संसाधनों और मुखबिरों की मदद से आरोपी की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास जारी रखा।
हाल ही में पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महिला नागपुर के कलमना क्षेत्र में छिपी हुई है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे राजनांदगांव लाया जा रहा है, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी महिला ने अपने ही समूह के सदस्यों के विश्वास का फायदा उठाते हुए रकम का गबन किया। इस घटना से समूह की अन्य महिलाओं को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक आघात भी पहुंचा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि गबन की राशि का उपयोग कहां और कैसे किया गया।
इस पूरे मामले में उप पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे और अंततः सफलता मिली। उन्होंने कहा कि कानून से भागने वाला कोई भी अपराधी ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकता।
पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश गया है कि अपराध करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही यह घटना महिला समूहों में पारदर्शिता और सतर्कता बनाए रखने की भी जरूरत को रेखांकित करती है।