रायपुर की ट्रैफिक समस्या पर आम आदमी पार्टी का ज्ञापन, नो-एंट्री नियम फिर से लागू करने की मांग
रायपुर में बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने कमिश्नर संजीव शुक्ला को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने छोटे मालवाहक वाहनों पर शाम के समय लागू नो-एंट्री नियम को फिर से सख्ती से लागू करने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगातार बढ़ती ट्रैफिक समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी ने आवाज उठाई है। पार्टी के पदाधिकारियों ने कार्यकारी जिलाध्यक्ष रायपुर सागर क्षीरसागर के नेतृत्व में नगर निगम कमिश्नर संजीव शुक्ला को ज्ञापन सौंपकर ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की मांग की।
ज्ञापन के माध्यम से पार्टी ने शहर में बढ़ते जाम और यातायात अव्यवस्था को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा पहले उठाए गए प्रभावी कदमों को अचानक शिथिल कर देना समझ से परे है। पार्टी नेताओं ने कमिश्नर द्वारा पहले लिए गए निर्णय की सराहना भी की, जिसमें प्रमुख मार्गों पर शाम के समय छोटे मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।
आम आदमी पार्टी के अनुसार, रायपुर में एमजी रोड, राठौर चौक, अग्रसेन चौक, भैंसथान, फाफाडीह, रेलवे स्टेशन मार्ग, चुना भट्टी, गुढ़ियारी, कर्मा चौक, रामनगर, नहरपारा, संजय गांधी चौक, गुरुद्वारा स्टेशन रोड और मालवीय रोड जैसे प्रमुख क्षेत्रों में रोजाना शाम होते ही भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। इस दौरान कई बार आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस को भी रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है।
पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने बताया कि शहर के भीतर छोटे मालवाहक वाहन बेधड़क चलते हैं, जो विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों के माध्यम से अन्य जिलों और राज्यों तक माल ढुलाई करते हैं। चूंकि ये ट्रांसपोर्ट कार्यालय शहर के अंदर ही संचालित हो रहे हैं, इसलिए भारी और हल्के मालवाहक वाहनों का दबाव शहर के मुख्य मार्गों पर लगातार बना रहता है।
उन्होंने यह भी कहा कि रावाभाटा स्थित ट्रांसपोर्ट नगर इसी उद्देश्य से विकसित किया गया था कि शहर के भीतर ट्रांसपोर्ट गतिविधियों को कम किया जा सके, लेकिन यह योजना प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकी। इसके चलते शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पर कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
रायपुर लोकसभा अध्यक्ष अज़ीम खान ने बताया कि 27 फरवरी 2026 को कमिश्नर द्वारा एक आदेश जारी कर शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक छोटे मालवाहक वाहनों की नो-एंट्री लागू की गई थी। इस निर्णय से शहरवासियों को काफी राहत मिली थी और ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार भी देखने को मिला था। लेकिन बाद में इस आदेश को शिथिल कर दिया गया, जिससे स्थिति फिर से पहले जैसी हो गई।
प्रदेश यूथ विंग अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि ट्रैफिक समस्या का समाधान राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जनता की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए इस नो-एंट्री नियम को पुनः सख्ती से लागू किया जाए।
पार्टी नेताओं ने बताया कि ज्ञापन सौंपने के दौरान कमिश्नर ने उन्हें आश्वस्त किया है कि ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। शहर के सुचारू यातायात और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को जल्द प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि रायपुरवासियों को जाम की समस्या से राहत मिल सके।