यह पहल पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशानुसार शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और जाम की स्थिति का त्वरित समाधान करना है।
यातायात पुलिस के अनुसार, शहर के किसी भी हिस्से में यदि जाम की स्थिति बनती है, तो आम नागरिक इस हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत सूचना दे सकते हैं। सूचना मिलते ही आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कंट्रोल रूम द्वारा संबंधित यातायात पेट्रोलिंग टीम को अलर्ट किया जाएगा, जो मौके पर पहुंचकर जाम को जल्द से जल्द हटाने का प्रयास करेगी।
इसके अलावा, ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए गूगल मैप का भी उपयोग किया जा रहा है। कंट्रोल रूम लगातार गूगल मैप के जरिए शहर की प्रमुख सड़कों की निगरानी करेगा। जहां भी ट्रैफिक का दबाव या जाम नजर आएगा, वहां तुरंत पुलिस टीम भेजी जाएगी।
नागरिकों को भी सलाह दी गई है कि वे गूगल मैप का उपयोग कर ट्रैफिक की स्थिति को पहले से जान लें और आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक मार्ग अपनाएं। इससे समय की बचत होगी और जाम की समस्या से भी राहत मिलेगी।
यातायात पुलिस ने गूगल मैप में दिखने वाले रंगों के अर्थ भी स्पष्ट किए हैं, ताकि लोग आसानी से स्थिति को समझ सकें। हरा रंग यातायात के सुचारू संचालन को दर्शाता है, पीला रंग मध्यम गति को, लाल रंग धीमी गति या सिग्नल पर रुकने को और मेहरून रंग पूर्ण जाम की स्थिति को दर्शाता है।
इस पहल से न केवल ट्रैफिक जाम की समस्या का त्वरित समाधान संभव होगा, बल्कि शहर में यातायात व्यवस्था को भी अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।
यातायात पुलिस का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से ही इस व्यवस्था को सफल बनाया जा सकता है। यदि लोग समय पर सूचना देंगे और ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे, तो शहर में जाम की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, हेल्पलाइन नंबर और तकनीकी निगरानी के इस संयुक्त प्रयास से रायपुर में ट्रैफिक प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है, जिससे आम नागरिकों को राहत मिलेगी और शहर की यातायात व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।