विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के अवसर पर बीपीटी छात्रों के लिए रंगोली एवं पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई। दोनों प्रतियोगिताओं का विषय ‘कार्डियोवैस्कुलर कंडीशंस और स्ट्रोक में फिजियोथेरेपी की उपयोगिता’ रखा गया। विद्यार्थियों ने पोस्टर और रंगोली के माध्यम से हृदय संबंधी बीमारियों, स्ट्रोक के बाद होने वाली शारीरिक समस्याओं तथा मरीजों के पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को चिकित्सा ज्ञान को रचनात्मक तरीके से प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ कृष्णकांत साहू, विभागाध्यक्ष, कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी, डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के पोस्टर प्रस्तुतिकरण की सराहना करते हुए फिजियोथेरेपी की उपयोगिता पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जीवनशैली से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद बेहद आवश्यक है। उन्होंने कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी के बाद मरीजों के उपचार और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
डॉ कृष्णकांत साहू ने बताया कि सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करती है। इसके माध्यम से फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, संभावित कॉम्प्लीकेशन के जोखिम को कम करने और मरीज को जल्द से जल्द सामान्य गतिविधियों की ओर लौटाने में सहायता मिल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में शासकीय फिजियोथेरेपी महाविद्यालय रायपुर के पूर्व छात्रों ने भी वर्तमान विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। डॉ फैजान खान (पीटी), डॉ प्रकाश कटारिया (पीटी), डॉ रवि तिवारी (पीटी) और डॉ यमंक साहू (पीटी) ने फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में अपने अनुभवों और कार्य से जुड़े प्रासंगिक पहलुओं पर विद्यार्थियों से संवाद किया। उनके अनुभवों से विद्यार्थियों को व्यावसायिक जीवन की चुनौतियों और संभावनाओं को समझने का अवसर मिला।
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ मरीजों के पुनर्वास और स्वास्थ्य जागरूकता में फिजियोथेरेपी की व्यापक भूमिका को समझने का अवसर प्रदान किया। प्रतियोगिताओं, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और पूर्व छात्रों के अनुभव साझा करने से कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।