रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में जटिल ऑपरेशन सफल, महिला के पेट से निकाला 8 किलो का विशाल ट्यूमर

रायगढ़ मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने 46 वर्षीय महिला के पेट से 8 किलोग्राम वजनी विशाल फाइब्रॉएड ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला। आंतों और मूत्रवाहिनी के आसपास जटिल स्थिति के बीच स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने हाई रिस्क सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।

Sep 8, 2026 - 08:39
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रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में जटिल ऑपरेशन सफल, महिला के पेट से निकाला 8 किलो का विशाल ट्यूमर

UNITED NEWS OF ASIA. रायगढ़ l लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति चिकित्सालय, रायगढ़ के चिकित्सकों ने एक जटिल और हाई रिस्क ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। चिकित्सकों की संयुक्त टीम ने 46 वर्षीय महिला के पेट से करीब 8 किलोग्राम वजनी विशाल फाइब्रॉएड ट्यूमर निकालकर उसकी जान बचाई। ट्यूमर का आकार लगभग 24.2 x 23.1 x 17 सेंटीमीटर था, जो आकार में एक बड़े फुटबॉल के बराबर बताया गया है।

झलमला निवासी चंपा यादव पिछले करीब एक महीने से पेट में तेज दर्द, अत्यधिक सूजन और उल्टी की समस्या से परेशान थीं। 22 अगस्त 2026 को गंभीर हालत में उन्हें प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में भर्ती कराया गया। जांच में उनके शरीर में खून की भारी कमी पाई गई और हीमोग्लोबिन का स्तर 7.5 ग्राम प्रति डेसीलीटर था।

सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जांच में पेट में मौजूद विशाल गांठ के कारण आसपास के अंगों पर पड़ रहे दबाव की गंभीर स्थिति सामने आई। ट्यूमर के दबाव से गर्भाशय अपनी सामान्य स्थिति से विस्थापित हो गया था। इसके अलावा बायीं मूत्रवाहिनी पर भी दबाव पड़ रहा था, जिससे किडनी प्रभावित होने का खतरा था। लिवर के पैरामीटर भी बिगड़े हुए पाए गए।

मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने तत्काल ऑपरेशन करने के बजाय पहले उनकी हालत स्थिर करने का निर्णय लिया। खून की कमी पूरी करने के लिए कई यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल चढ़ाए गए। साथ ही संक्रमण की रोकथाम और ऑर्गन फंक्शन को सर्जरी के लिए अनुकूल बनाने के लिए आवश्यक एंटीबायोटिक उपचार दिया गया।

मरीज के स्थिर होने के बाद 1 सितंबर 2026 को जनरल एनेस्थीसिया के तहत एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी की गई। ऑपरेशन के दौरान सबसे बड़ी चुनौती विशाल ट्यूमर का आंतों से गहराई से चिपका होना था। स्थिति की जटिलता को देखते हुए जनरल सर्जरी यूनिट की सहायता ली गई।

स्त्री रोग, जनरल सर्जरी और निश्चेतना विभाग की संयुक्त टीम ने बेहद सावधानी से ट्यूमर और आंतों के बीच मौजूद जटिल जुड़ाव को अलग किया। ऑपरेशन के दौरान दोनों मूत्रवाहिनियों को सुरक्षित रखा गया और उन्हें किसी प्रकार की क्षति नहीं होने दी गई। इसके बाद गर्भाशय सहित विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक शरीर से बाहर निकाला गया।

सर्जरी के बाद मरीज को रिकवरी रूम में रखा गया, जहां उन्हें आवश्यक आईवी फ्लूइड्स और दर्द निवारक उपचार दिया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार चंपा यादव की स्थिति अब स्थिर है और वह स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। यह जटिल ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों की टीमवर्क, विशेषज्ञता और आपात परिस्थितियों में बेहतर समन्वय का उदाहरण है।