किसानों को समय पर यूरिया और नागरिकों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए किसानों को सब्सिडी वाला यूरिया समय पर उपलब्ध कराने, उर्वरक क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और नैनो उर्वरक व नमो ड्रोन दीदी जैसी तकनीकों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती गुणवत्तापूर्ण दवाओं का लाभ अधिकाधिक नागरिकों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया।

Sep 8, 2026 - 08:56
 0  4
किसानों को समय पर यूरिया और नागरिकों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना जरूरी: बृजमोहन अग्रवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर सांसद एवं छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने कहा है कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों की आर्थिक सुरक्षा, कृषि के आधुनिकीकरण और आम नागरिकों को सस्ती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप व्यवस्थाओं को लगातार मजबूत किया जाना चाहिए।

सोमवार को रसायन एवं उर्वरक संबंधी संसदीय समिति की बैठक में शामिल होने के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करना कृषि व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उर्वरक विभाग के अनुसार पिछले पांच वर्षों में यूरिया सब्सिडी योजना पर लगभग 8.16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे, इसके लिए आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

सांसद ने कहा कि कृषि उपयोग के लिए निर्धारित सब्सिडी वाले यूरिया का लाभ किसानों को ही मिले, इसके लिए संभावित औद्योगिक डायवर्जन को रोकना और औद्योगिक उपयोग के बेहतर सत्यापन की व्यवस्था जरूरी है। छत्तीसगढ़ के संदर्भ में उन्होंने राज्य की कृषि जरूरतों के अनुसार यूरिया के आवंटन, आपूर्ति और उपलब्धता की नियमित समीक्षा पर जोर दिया, ताकि किसानों को आवश्यकता के समय पर्याप्त उर्वरक मिल सके।

बृजमोहन अग्रवाल ने उर्वरक क्षेत्र में दीर्घकालीन सुधारों के साथ नैनो उर्वरक और नमो ड्रोन दीदी जैसी पहलों को कृषि के आधुनिकीकरण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नई तकनीक तभी सफल मानी जाएगी, जब इससे किसानों की लागत कम हो, उत्पादकता बढ़े और ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय के अवसर पैदा हों। इसके लिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और जरूरी सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए आधुनिक कृषि तकनीकों और महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी को बढ़ावा देने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है।

सांसद ने प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना को आम नागरिकों के स्वास्थ्य खर्च को कम करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं कम कीमत पर उपलब्ध होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिल रही है। 31 जुलाई 2026 तक देश में 20,547 जन औषधि केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जिनमें 10,457 ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। छत्तीसगढ़ में 355 जन औषधि केंद्र संचालित हैं। योजना के तहत दवाएं प्रमुख ब्रांडेड उत्पादों की तुलना में सामान्यतः 50 से 80 प्रतिशत तक सस्ती उपलब्ध हैं।

बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि जन औषधि केंद्रों का विस्तार करने के साथ जेनेरिक दवाओं की गुणवत्ता को लेकर चिकित्सकों और मरीजों में भरोसा बढ़ाना भी जरूरी है। उन्होंने जागरूकता, नियमित दवा आपूर्ति और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि इससे अधिक से अधिक गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक सस्ती स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ पहुंचाया जा सकेगा।