कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने जिला कार्यालय के कर्मचारियों को दिए निर्देश, ई-ऑफिस और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर जोर
कवर्धा कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने संयुक्त जिला कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यालयीन व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने शत-प्रतिशत ई-ऑफिस कार्य, समय पर बायोमैट्रिक उपस्थिति, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, स्वच्छता और डिजिटल कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर कार्यालयीन कार्यों के सुचारू और व्यवस्थित संचालन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला कार्यालय शासन की विभिन्न योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसलिए सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने दायित्वों का गंभीरता और समयबद्धता से निर्वहन करें तथा आम नागरिकों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
कलेक्टर ने जिला कार्यालय में शत-प्रतिशत ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य संपादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कामकाज में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग किया जाए और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। ई-ऑफिस के माध्यम से प्रकरणों का समय पर निराकरण होने से कार्यों में पारदर्शिता, गति और जवाबदेही बढ़ेगी।
बैठक में संयुक्त जिला कार्यालय की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कार्यालयों में उपलब्ध फर्नीचर और अन्य संसाधनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मरम्मत योग्य पुरानी कुर्सी-टेबल की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराने तथा जर्जर और अनुपयोगी फर्नीचर हटाने के निर्देश दिए। कार्यालय परिसर में स्वच्छता, व्यवस्थित रख-रखाव और बेहतर कार्य वातावरण बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंचकर बायोमैट्रिक उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित कार्यालयीन समय का गंभीरता से पालन किया जाए और शाम 5.30 बजे से पहले कार्यालय न छोड़ा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समयबद्ध उपस्थिति और कार्यालयीन अनुशासन प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
स्थापना शाखा की समीक्षा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों के अवकाश का व्यवस्थित पंजी संधारण करने और सेवा संबंधी जानकारी को अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मेडिकल, यात्रा भत्ता और अन्य लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार उनका शीघ्र निराकरण करने कहा गया।
कलेक्टर ने संजीवनी कोष के माध्यम से मरीजों को मिलने वाली सहायता की भी समीक्षा की। उन्होंने पात्र मरीजों को योजना की जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें समय पर शासन की सहायता दिलाने के निर्देश दिए। जनसंपर्क निधि, स्वेच्छा अनुदान और आरबीसी 6-4 से जुड़े प्रकरणों की भी समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
डिजिटल फसल सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कार्य को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी अमले को सक्रियता से कार्य करने और सर्वेक्षण संबंधी जानकारी सही तरीके से दर्ज करने कहा। राजस्व विभाग के भू-अर्जन, स्वामित्व योजना, अभिलेख शुद्धता सहित अन्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुए समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने संयुक्त जिला कार्यालय में कार्यरत लिपिकों को डिजिटल सिग्नेचर वितरित किए। उन्होंने डिजिटल सिग्नेचर का उपयोग बढ़ाते हुए ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। बैठक में अपर कलेक्टर नरेन्द्र पैकरा, रामप्रसाद आचला, डिप्टी कलेक्टर सागर सिंह राज सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।