प्रोजेक्ट उन्नति के तहत मनरेगा श्रमिकों को मिल रहा राजमिस्त्री का व्यावसायिक प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
अम्बिकापुर जनपद पंचायत क्षेत्र में प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत मनरेगा श्रमिकों को राजमिस्त्री का व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस पहल से श्रमिकों के कौशल में वृद्धि के साथ रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर, सरगुजा अम्बिकापुर। जिले में रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट उन्नति के अंतर्गत मनरेगा श्रमिकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मेन्ड्डाखुर्द में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों को राजमिस्त्री बनने हेतु विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे निर्माण कार्यों में दक्ष बनकर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मनरेगा श्रमिकों की कार्यकुशलता में वृद्धि कर उन्हें अतिरिक्त आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे मनरेगा कार्यों के साथ-साथ अन्य सरकारी एवं निजी निर्माण कार्यों में भी रोजगार प्राप्त कर सकें।
प्रशिक्षण के दौरान श्रमिकों को राजमिस्त्री कार्य से संबंधित विभिन्न तकनीकी पहलुओं की व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है। इसमें ईंट-जोड़ाई, चिनाई, प्लास्टर कार्य, फर्श निर्माण, भवन संरचना की मूल तकनीक, माप-जोख, निर्माण सामग्री की पहचान एवं सुरक्षा मानकों की जानकारी शामिल है। अनुभवी एवं दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा श्रमिकों को सैद्धांतिक के साथ-साथ प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे सीधे कार्यस्थल पर अपनी दक्षता का उपयोग कर सकें।
इस प्रकार के कौशल आधारित प्रशिक्षण से न केवल श्रमिकों की कार्यक्षमता में सुधार होगा, बल्कि उनकी आय में भी वृद्धि होगी। साथ ही ग्राम स्तर पर कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से स्थानीय स्तर पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। इससे शासन की विभिन्न विकास योजनाओं के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य समयबद्ध और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जा सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से सरगुजा जिले में कौशल आधारित रोजगार को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल ग्रामीण युवाओं एवं श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्रमिकों में भी इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह देखा जा रहा है और वे भविष्य में बेहतर रोजगार की उम्मीद कर रहे हैं।