अम्बिकापुर में अवैध धान भंडारण एवं परिवहन पर प्रशासन की कार्रवाई, 2712.8 क्विंटल धान और 2 वाहन जब्त
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान अम्बिकापुर और जिले के अन्य तहसीलों में अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के खिलाफ प्रशासन ने सघन कार्रवाई की। 40 प्रकरणों में कुल 2712.8 क्विंटल अवैध धान और 2 वाहन जब्त किए गए।
UNTED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर,सरगुजा | अम्बिकापुर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान की अवैध भंडारण और परिवहन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में आज अम्बिकापुर और अन्य तहसीलों में संयुक्त टीमों द्वारा किए गए औचक निरीक्षण एवं नाकाबंदी अभियान में कुल 40 अवैध धान प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें कुल 2712.8 क्विंटल धान जप्त किया गया और 2 वाहनों को जब्त किया गया।
तहसीलवार कार्रवाई की बात करें तो मैनपाट में 2 प्रकरणों में 52 क्विंटल, सीतापुर में 2 प्रकरणों में 144 क्विंटल (1 वाहन जब्त), उदयपुर में 12 प्रकरणों में 486 क्विंटल, दरिमा में 6 प्रकरणों में 200 क्विंटल, अम्बिकापुर में 10 प्रकरणों में सर्वाधिक 1546.8 क्विंटल (1 वाहन जप्त), लखनपुर में 5 प्रकरणों में 230 क्विंटल, बतौली में 1 प्रकरण में 24 क्विंटल और लुण्ड्रा में 2 प्रकरणों में 30 क्विंटल अवैध धान प्रशासन ने जब्त किया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट किया कि समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी तहसीलों के राजस्व, खाद्य, सहकारिता एवं पुलिस विभाग को मिलाकर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। इस दिशा में संयुक्त टीमें लगातार औचक जांच, नाकाबंदी और सत्यापन कार्यवाही कर रही हैं।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे धान की बिक्री केवल निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही करें। किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने से बचें और सरकारी व्यवस्था के साथ सहयोग करें। प्रशासन ने चेताया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों और तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस अभियान का उद्देश्य न केवल अवैध धान संचयन को रोकना है, बल्कि समर्थन मूल्य योजना को प्रभावी बनाए रखना और किसानों को उचित लाभ सुनिश्चित करना भी है। प्रशासन का यह कदम जिले में खरीफ विपणन वर्ष के दौरान उचित मूल्य और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिले में लगातार चल रही यह कार्रवाई किसानों और व्यापारी समुदाय के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि किसी भी अवैध धान भंडारण या तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।