छात्रों, युवाओं और महिलाओं के साथ छल — बजट में सिर्फ जुमले, ज़मीन पर कुछ नहीं : एनएसयूआई जिला महासचिव अमन वर्मा

एनएसयूआई के जिला महासचिव अमन वर्मा ने छत्तीसगढ़ सरकार के बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि इसमें छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए ठोस योजनाओं का अभाव है। उन्होंने भर्ती, छात्रवृत्ति, गैस सिलेंडर सब्सिडी और रोजगार को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

Feb 25, 2026 - 16:29
Feb 25, 2026 - 18:11
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छात्रों, युवाओं और महिलाओं के साथ छल — बजट में सिर्फ जुमले, ज़मीन पर कुछ नहीं : एनएसयूआई जिला महासचिव अमन वर्मा

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा | एनएसयूआई के जिला महासचिव अमन वर्मा ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पेश किए गए हालिया बजट को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह निराधार, दिशाहीन और जनविरोधी है, जिसमें छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए केवल जुमले हैं, जबकि ज़मीनी स्तर पर किसी भी ठोस योजना का अभाव दिखाई देता है।

जिला महासचिव अमन वर्मा ने कहा कि सरकार लगातार युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन बजट में उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई स्पष्ट और भरोसेमंद प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट सिर्फ प्रचार का माध्यम बनकर रह गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा वर्ग रोजगार के लिए भटक रहा है, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर न कोई ठोस नीति सामने आई है और न ही किसी प्रकार का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। अमन वर्मा ने सवाल उठाते हुए कहा कि 57 हजार शिक्षक भर्ती की घोषणा का आखिर क्या हुआ। आज तक न भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई है और न ही युवाओं को कोई स्पष्ट जानकारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को लगातार आश्वासन देकर भ्रमित किया जा रहा है, जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षित बेरोजगारों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि घोषित भर्तियों को धरातल पर कब उतारा जाएगा।

महिलाओं के मुद्दे पर भी अमन वर्मा ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय महिलाओं से ₹500 में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक आम महिलाओं को इसका लाभ नहीं मिला है। महंगाई से जूझ रही महिलाओं को राहत देने के बजाय सरकार केवल घोषणाएं कर रही है, जबकि बजट में इसका कोई प्रभावी और पारदर्शी प्रावधान दिखाई नहीं देता।

छात्रों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति, उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और शैक्षणिक संस्थानों की बुनियादी सुविधाओं के लिए बजट में कोई ठोस रोडमैप प्रस्तुत नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र हितों की अनदेखी करते हुए सरकार ने केवल औपचारिक घोषणाएं की हैं, जिनका वास्तविक असर ज़मीन पर नजर नहीं आ रहा।

अमन वर्मा ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि छात्रों के लिए छात्रावास, पुस्तकालय, डिजिटल संसाधन और कोचिंग सुविधाओं को मजबूत करने के लिए क्या ठोस योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बजट में शिक्षा और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीरता दिखाई नहीं देती।

उन्होंने बजट प्रस्तुत करने वाले वित्त मंत्री ओपी चौधरी से सीधे जवाब मांगते हुए कहा कि सरकार यह स्पष्ट करे कि घोषित योजनाओं और वादों को अमल में कब लाया जाएगा।

एनएसयूआई जिला महासचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार केवल घोषणाओं में व्यस्त है, जबकि छात्र, युवा और महिलाएं वास्तविक राहत का इंतजार कर रहे हैं।

अमन वर्मा ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों, युवाओं, महिलाओं और किसानों के साथ हो रहे इस छल को जल्द बंद नहीं किया गया, तो नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया लोकतांत्रिक तरीके से राज्यभर में आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों और युवाओं के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।