बारगांव में हुआ राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेकर खिलाड़ियों ने लिया आगे बढ़ने का संकल्प
बेमेतरा जिले के ग्राम बारगांव खेल मैदान में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर बालक एवं बालिका वर्ग में रोमांचक हॉकी मुकाबले आयोजित किए गए। बालक वर्ग में बारगांव ने कुम्ही को 6-3 तथा बालिका वर्ग में बारगांव ने मुड़पार को 3-2 से हराया। अतिथियों और शिक्षकों ने खिलाड़ियों को अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l बेमेतरा जिले के ग्राम बारगांव स्थित खेल मैदान में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की गौरवपूर्ण स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत बारगांव के सरपंच प्रतिनिधि सच्चिदानंद मिश्रा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। उपस्थित लोगों ने महान हॉकी खिलाड़ी को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
इसके बाद बालक एवं बालिका वर्ग में हॉकी के रोमांचक फ्रेंडली मुकाबले आयोजित किए गए। बालक वर्ग का पहला मुकाबला बारगांव और कुम्ही की टीम के बीच हुआ। मैच के शुरुआत से ही बारगांव के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया और कुम्ही को 6-3 से हराकर मुकाबला अपने नाम किया। बारगांव के कप्तान चिंताराम पटेल ने 2 गोल किए। वहीं देवेन्द्र यादव ने 2 गोल, विजय विश्वकर्मा और दीपक साहू ने 1-1 गोल कर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कुम्ही की ओर से कुलदीप कुमार, शुभम पात्रे और हिमांशु विश्वकर्मा ने 1-1 गोल किया।
बालिका वर्ग का मुकाबला बारगांव और मुड़पार के बीच खेला गया, जो बेहद रोमांचक रहा। बारगांव की कप्तान निशा साहू, गूंजा साहू और नोमीता साहू ने 1-1 गोल कर टीम को 3-2 की जीत दिलाई। मुड़पार की ओर से गरिमा निषाद और सोनिया विश्वकर्मा ने 1-1 गोल किया। दोनों टीमों ने पूरे मुकाबले में शानदार खेल भावना का प्रदर्शन किया।
मेजर ध्यानचंद का जीवन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
मुख्य अतिथि सच्चिदानंद मिश्रा ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन दृढ़ संकल्प, अनुशासन और देशप्रेम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण और मेहनत के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने बारगांव के खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि व्यायाम शिक्षिका एवं कोच तुलसी साहू के मार्गदर्शन में यहां के बच्चे राज्य से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उत्कृष्ट प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ा रहे हैं।
प्राचार्य श्याम सिंह ने कहा कि खेल बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। मेजर ध्यानचंद का जीवन प्रत्येक खिलाड़ी और विद्यार्थी को अनुशासन एवं समर्पण की सीख देता है।
शाला विकास समिति के अध्यक्ष सतीश यादव ने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ये खिलाड़ी आगे चलकर क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर सकते हैं।
कोच तुलसी साहू ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में अपने खेल कौशल, अनुशासन और देशप्रेम से भारत का गौरव बढ़ाया। युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर खेल भावना, अनुशासन और मेहनत को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।