मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिकता का सशक्त माध्यम
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के 191 श्रद्धालुओं ने शिरडी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर के दर्शन कर आध्यात्मिक सुख और आत्मिक शांति का अनुभव किया।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक परंपराओं में तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व रहा है और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना इस परंपरा को सामाजिक संवेदना से जोड़ते हुए एक नई दिशा दे रही है। सदियों से श्रद्धालु पवित्र स्थलों के दर्शन को जीवन का सौभाग्य मानते आए हैं, लेकिन आर्थिक सीमाएं, स्वास्थ्य संबंधी बाधाएं और सुविधाओं के अभाव में अनेक वरिष्ठ नागरिक, महिलाएं, विधवा, परित्यक्त और दिव्यांगजन अपने जीवन की यह अभिलाषा पूरी नहीं कर पाते थे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में शुरू की गई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना ने ऐसे ही श्रद्धालुओं के लिए आशा, सम्मान और आध्यात्मिक संतोष का मार्ग खोल दिया है।
इस योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के कुल 191 श्रद्धालुओं को निःशुल्क तीर्थ यात्रा का लाभ मिला है, जिन्होंने शिरडी, शनि शिंगणापुर और त्र्यंबकेश्वर जैसे पवित्र स्थलों के दर्शन कर दिव्य अनुभूति प्राप्त की है। योजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई, जिसमें यात्रा पूर्णतः निःशुल्क रही, साथ ही भोजन, पेयजल, आवास, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गईं, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। सरकार की यह व्यवस्था न केवल सुविधा तक सीमित रही, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा जीवनभर स्मरणीय अनुभव बन गई। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से धार्मिक पर्यटन को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिला है,
जिससे सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का स्पष्ट विजन है कि प्रदेश का कोई भी श्रद्धालु अपनी आस्था के मार्ग में बाधित न हो और हर नागरिक को समान गरिमा के साथ तीर्थ दर्शन का अवसर प्राप्त हो। इस योजना के सकारात्मक परिणाम अब पूरे छत्तीसगढ़ में दिखाई दे रहे हैं, जहां कबीरधाम सहित अन्य जिलों के हजारों श्रद्धालु अपने आध्यात्मिक सपनों को साकार कर रहे हैं और प्रदेश की धार्मिक व सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है।