मोहला-मानपुर में SIR प्रक्रिया के दौरान फर्जी आवेदनों से मतदाताओं के नाम काटने का आरोप, सरपंच के नाम का दुरुपयोग, जांच की मांग
मोहला-मानपुर-चौकी जिले में चल रही SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के दौरान फर्जी तरीके से आवेदन कर दशकों पुराने मतदाताओं के नाम काटने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत फुलकोड़ों में सरपंच के नाम से फर्जी आवेदन लगाए जाने का आरोप है। सरपंच और प्रभावित मतदाताओं ने SDM व तहसीलदार से मिलकर नाम नहीं काटने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA.जावेद खान,मोहला-मानपुर | चौकी जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के दौरान बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिले के मानपुर तहसील क्षेत्र में ऐसे कई आवेदन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से दशकों पुराने मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटने की मांग की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि जिनके नाम से ये आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं, वे खुद कह रहे हैं कि उन्होंने कोई आवेदन किया ही नहीं है।
ताजा मामला मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत फुलकोड़ों का है। यहां पंचायत क्षेत्र के छह मुस्लिम मतदाताओं के नाम काटने के लिए आवेदन लगाया गया है, जिसमें आवेदक के रूप में ग्राम पंचायत फुलकोड़ों के सरपंच पुरुषोत्तम उषारे का नाम दर्ज है। सरपंच पुरुषोत्तम उषारे ने इस आवेदन को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा है कि उनके नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया है।
सरपंच के साथ सभी छह प्रभावित मतदाता 29 जनवरी को मानपुर एसडीएम अमित नाथ योगी से मिले और लिखित ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। सरपंच और मतदाताओं ने स्पष्ट किया कि संबंधित सभी व्यक्ति वर्तमान में ग्राम पंचायत क्षेत्र में निवासरत हैं और उनका नाम मतदाता सूची से हटाने का कोई आधार नहीं है।
इस दौरान सरपंच अपने साथ ग्राम पंचायत में पारित प्रस्ताव की प्रति भी लेकर पहुंचे, जिसमें छहों व्यक्तियों के वर्तमान निवास की पुष्टि की गई है। बाद में सभी प्रभावित मतदाता और सरपंच तहसीलदार से भी मिले और उन्हें भी लिखित में अपनी बात रखी।
एसडीएम ने प्रभावित नागरिकों को भरोसा दिलाया कि SIR प्रक्रिया के अंतर्गत बिना सुनवाई किसी का नाम नहीं काटा जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल आवेदन प्राप्त हुए हैं और आगे नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया होगी। सुनवाई के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार मानपुर तहसील कार्यालय में इसी तरह के और भी आवेदन अन्य पंचायत क्षेत्रों से प्राप्त हुए हैं, जिनमें अधिकांश मुसलमान, ईसाई अथवा मतांतरित समुदाय के लोगों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता देवानंद कौशिक ने इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा और आरएसएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया का उपयोग धार्मिक ध्रुवीकरण और गैर-भाजपाई मतदाताओं के नाम काटने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला है।
वहीं प्रभावित मतदाता सैय्यद मोहम्मद अली ने कहा कि सरपंच के नाम से फर्जी आवेदन डालकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई है। सरपंच पुरुषोत्तम उषारे ने भी थाने में शिकायत और एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।