खनन प्रभावित अंचल में बदली बच्चों की सेहत की तस्वीर, 297 कुपोषित बच्चों को मिला संपूर्ण उपचार
रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में डीएमएफ मद से संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र के माध्यम से दो वर्षों में 297 कुपोषित बच्चों को उपचार और पोषण सहायता प्रदान की गई है। यह पहल खनन प्रभावित क्षेत्रों में अंत्योदय की सोच को साकार कर रही है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। खनन प्रभावित क्षेत्रों में निवासरत अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने की राज्य शासन की प्रतिबद्धता रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में साकार होती दिखाई दे रही है। जिला खनिज संस्थान न्यास निधि (डीएमएफ) रायगढ़ के माध्यम से स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में की गई योजनाबद्ध पहल ने कुपोषण जैसी गंभीर समस्या से जूझ रहे बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।
इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार में डीएमएफ मद से 10 बिस्तरीय पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भवन का निर्माण किया गया है। वर्तमान में यह भवन पूर्ण रूप से पोषण पुनर्वास केंद्र के रूप में संचालित हो रहा है और क्षेत्र के कुपोषित बच्चों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है। यहां गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों को चिकित्सकीय देखरेख के साथ संपूर्ण पोषण सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार में संचालित एनआरसी के माध्यम से विकासखंड तमनार और विकासखंड घरघोड़ा के कुल 297 कुपोषित बच्चों को लाभ मिला। इन बच्चों को 15 दिवस तक एनआरसी में भर्ती कर संतुलित, प्रोटीन युक्त एवं पौष्टिक आहार प्रदान किया गया। साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित निगरानी में उनका उपचार किया गया, जिससे बच्चों के शारीरिक के साथ-साथ मानसिक विकास में भी सकारात्मक बदलाव देखा गया।
एनआरसी की एक विशेषता यह है कि यहां बच्चों के साथ उनकी माताओं को भी देखभाल प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहभागी बनाया जाता है। बच्चों की समुचित देखभाल के एवज में माताओं को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई, जिससे परिवार की भागीदारी बढ़ी और उपचार की प्रभावशीलता सुनिश्चित हुई। भर्ती अवधि के दौरान बच्चों के वजन, ऊर्जा स्तर और समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
गौरतलब है कि रायगढ़ जिले का तमनार क्षेत्र खनन प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित है। ऐसे क्षेत्रों में डीएमएफ मद से बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार हेतु राज्य शासन द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पोषण पुनर्वास केंद्र इस दिशा में एक सफल और प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है। डीएमएफ योजना के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण के क्षेत्र में किए जा रहे ये प्रयास “अंतिम व्यक्ति के उदय” अर्थात अंत्योदय की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं।