प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा को लेकर मनोज सिंह ठाकुर का हमला, कहा- राष्ट्रीय गरिमा से समझौता
रायपुर में अधिवक्ता और कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यूएई यात्रा के दौरान सामने आए घटनाक्रमों और तस्वीरों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश दौरे के दौरान प्रधानमंत्री का आचरण देश की संवैधानिक गरिमा और राष्ट्रीय स्वाभिमान के अनुरूप नहीं था। साथ ही उन्होंने इसे पीआर आधारित राजनीति करार दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में अधिवक्ता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मनोज सिंह ठाकुर ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की हालिया संयुक्त अरब अमीरात (UAE) यात्रा को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने प्रेस को जारी बयान में कहा कि विदेश यात्रा के दौरान सामने आए घटनाक्रम और वायरल तस्वीरें देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप नहीं हैं। उनका कहना है कि इस प्रकार की छवि वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा और 140 करोड़ भारतीयों के आत्मसम्मान को प्रभावित करती है।
मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसी एक राजनीतिक दल का प्रतिनिधि नहीं होता, बल्कि पूरे राष्ट्र की संप्रभुता और सम्मान का प्रतीक होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश यात्राओं के दौरान प्रधानमंत्री का व्यवहार और प्रस्तुतिकरण कई बार कूटनीतिक मर्यादाओं से अलग दिखाई देता है। उनके अनुसार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के प्रतिनिधित्व में संतुलन, आत्मविश्वास और गरिमा सबसे महत्वपूर्ण तत्व होते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी देश के प्रधानमंत्री का आचरण दुनिया के सामने उस राष्ट्र की राजनीतिक और कूटनीतिक सोच को दर्शाता है। ऐसे में विदेशी नेताओं के समक्ष अत्यधिक झुकाव या दिखावटी प्रस्तुति भारत जैसे बड़े लोकतांत्रिक देश की छवि को कमजोर कर सकती है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक मंच पर समानता और आत्मसम्मान के साथ अपनी बात रखते हैं और भारत को भी उसी स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए।
मनोज सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि विदेशी दौरों को वास्तविक कूटनीतिक उपलब्धियों से अधिक प्रचार और इवेंट मैनेजमेंट का माध्यम बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश इस समय महंगाई, बेरोजगारी और कई सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए विदेश दौरों को बड़े प्रचार अभियान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का उद्देश्य केवल कैमरों में दिखाई देना या सुर्खियां बटोरना नहीं होना चाहिए, बल्कि देशहित में ठोस परिणाम हासिल करना होना चाहिए। ठाकुर के अनुसार जनता यह जानना चाहती है कि विदेश यात्राओं से देश को आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक स्तर पर कितना लाभ मिल रहा है।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि भारत एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति है और देश के नेतृत्व को विश्व मंच पर बराबरी और दृढ़ता के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान किसी भी राजनीतिक छवि से बड़ा होता है और प्रधानमंत्री को यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके प्रत्येक कदम और व्यवहार का असर पूरे देश की छवि पर पड़ता है।
मनोज सिंह ठाकुर ने अंत में कहा कि लोकतंत्र में सरकार और प्रधानमंत्री के कार्यों पर सवाल उठाना विपक्ष का अधिकार और जिम्मेदारी दोनों है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि विदेश नीति और कूटनीतिक प्रस्तुतियों में राष्ट्रीय गरिमा और संवैधानिक मर्यादा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।