‘मन की बात’ करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने का सशक्त माध्यम : ओपी चौधरी
रायपुर में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 136वीं कड़ी सुनी। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम जनभागीदारी, जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और राष्ट्र निर्माण के लिए लोगों को प्रेरित करने का प्रभावी मंच बन चुका है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने रविवार को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में रायगढ़ के अधिवक्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ आज करोड़ों नागरिकों को एक साझा उद्देश्य से जोड़ने वाला सशक्त मंच बन चुका है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जनभागीदारी को निरंतर प्रोत्साहित कर रहा है।
ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मासिक संवाद के माध्यम से देशभर के प्रेरणादायी प्रयासों, नवाचारों और जनसहभागिता आधारित अभियानों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाते हैं। इससे समाज में सकारात्मक सोच विकसित होती है और आम नागरिक भी राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित होते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले का उल्लेख किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत जल संरक्षण और तालाबों के संवर्धन के लिए किए गए सामुदायिक प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे यह स्पष्ट होता है कि जनभागीदारी के माध्यम से किए गए विकास कार्य देशभर के लिए प्रेरणा बन सकते हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। वर्षा जल संचयन, तालाबों का संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि जब सरकार और समाज मिलकर कार्य करते हैं, तब विकास के परिणाम अधिक प्रभावी और स्थायी होते हैं।
ओपी चौधरी ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक रेडियो कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह समाज में सकारात्मक सोच, नवाचार, स्वदेशी भावना, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित के कार्यों को बढ़ावा देने वाला जनआंदोलन बन चुका है। इस मंच के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों को पहचान मिलती है और लोग उनसे प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयास शुरू करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी प्रधानमंत्री के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों पर सामूहिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन ही विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार बनेगा।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता के संदेश के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने विश्वास जताया कि ऐसे प्रेरक संवाद देश को विकास, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान करते रहेंगे।