दंतेवाड़ा में धूमधाम से मनाई गई सीआरपीएफ की 88वीं वर्षगांठ, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
दंतेवाड़ा स्थित सीआरपीएफ की 212वीं बटालियन में 88वीं वर्षगांठ उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि से हुई। इसके बाद सलामी, सैनिक सम्मेलन, कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी, मिठाई वितरण, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बड़े खाने का आयोजन किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चौधरी l केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 88वीं वर्षगांठ के अवसर पर दंतेवाड़ा स्थित 212वीं बटालियन परिसर में भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे समारोह में देशभक्ति, अनुशासन और संगठन की गौरवशाली परंपराओं की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा बल की उपलब्धियों और शहीदों के योगदान को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत देश की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद क्वार्टर गार्ड में सलामी समारोह आयोजित हुआ, जहां कमांडेंट (एओडी) शमीमुद्दीन शेख ने सलामी ली। उन्होंने अपने संबोधन में सीआरपीएफ के 88 वर्षों के गौरवशाली इतिहास, देश की आंतरिक सुरक्षा में बल की महत्वपूर्ण भूमिका तथा विभिन्न अभियानों में प्राप्त उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर विशेष सैनिक सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। सम्मेलन के दौरान जवानों को सीआरपीएफ की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सुविधाओं और संगठन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जवानों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान सभी जवानों एवं अधिकारियों को मिठाई वितरित कर स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
दिनभर आयोजित समारोह में खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिसमें जवानों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। शाम के समय रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिनमें देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का समापन पारंपरिक 'बड़ा खाना' के आयोजन के साथ हुआ, जिसमें अधिकारियों और जवानों ने एक साथ भोजन कर आपसी भाईचारे और संगठनात्मक एकता का संदेश दिया।
पूरे आयोजन का संचालन कमांडेंट (एओडी) शमीमुद्दीन शेख के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी (परिचालन) दिनेश कुमार, उप कमांडेंट गौरव शर्मा, सहायक कमांडेंट राकेश लामा सहित सभी अधीनस्थ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे।
सीआरपीएफ की 88वीं वर्षगांठ का यह आयोजन बल के समर्पण, साहस और सेवा की भावना का प्रतीक रहा। समारोह ने जवानों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया तथा देश की सुरक्षा के प्रति उनके संकल्प को और अधिक मजबूत बनाया। अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि सीआरपीएफ भविष्य में भी अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्र की सुरक्षा और शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती रहेगी।