लोहारा पुलिस ने 24 घंटे में सुलझाया पति की हत्या का अंधा कत्ल, पत्नी और चचेरा भाई गिरफ्तार
कबीरधाम जिले के लोहारा थाना पुलिस ने महेश साहू हत्याकांड का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। घरेलू विवाद और अत्यधिक शराब सेवन से परेशान होकर दोनों ने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम जिले के लोहारा थाना पुलिस ने हत्या के एक अंधे कत्ल की गुत्थी महज 24 घंटे के भीतर सुलझाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और उसके चचेरे भाई को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि घरेलू विवाद और पति की अत्यधिक शराब पीने की आदत से परेशान होकर दोनों आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पत्थर, स्कूटी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार 26 जुलाई 2026 की सुबह तुलेश साहू ने थाना लोहारा में सूचना दी कि उसके पिता महेश साहू का शव बानो रोड स्थित एक दुकान के पास पड़ा हुआ है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जहां मृतक के सिर, चेहरे, हाथ और पैरों पर गंभीर चोट के निशान मिले। शव को घसीटे जाने के भी संकेत मिले। मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का वैज्ञानिक परीक्षण किया और वहां से रक्तरंजित पत्थर, कपड़े सहित अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी नीता साहू से पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि 25 जुलाई को वह अपने चचेरे भाई ओदराम साहू के साथ स्कूटी से अपने पति के पास बासिनझोरी गांव गई थी। रात में पति द्वारा शराब के नशे में विवाद करने के कारण दोनों के बीच झगड़ा हुआ। बाद में लोहारा पहुंचने पर भी महेश साहू ने शराब पीकर विवाद शुरू कर दिया। इससे परेशान होकर नीता साहू ने अपने चचेरे भाई की मदद से पति को पकड़वाया और पास में पड़े पत्थर से उसके सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को सड़क किनारे घसीटकर छोड़ दिया और स्कूटी से वापस चिमरा गांव लौट गए।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी, खून से सने कपड़े, पत्थर तथा अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा, एफएसएल टीम, राजेश्वर सिंह ठाकुर, रूपराम पट्टावी, किशन नायक, संदीप चौबे सहित थाना लोहारा के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घरेलू विवाद, नशे की समस्या या पारिवारिक तनाव की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय संवाद, परामर्श और कानूनी सहायता का सहारा लें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा अपराध है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।