धरसीवां में ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का भव्य आगाज: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी 136.80 करोड़ की विकास सौगात
धरसीवां में आयोजित कुँवरगढ़ महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। इस अवसर पर 136.80 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया गया। साथ ही नगर पंचायत कुंरा का नाम बदलकर कुँवरगढ़ करने की घोषणा की गई, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती मिली।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। रायपुर जिले के धरसीवां विधानसभा क्षेत्र में आज ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ के आयोजन के साथ इतिहास का एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया। स्थानीय विधायक अनुज शर्मा की पहल पर आयोजित इस महोत्सव ने क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली इतिहास को नई पहचान दिलाने का कार्य किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर को और भी खास बनाते हुए धरसीवां क्षेत्र के विकास के लिए 136.80 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में अधोसंरचना, शिक्षा और जनसुविधाओं में व्यापक सुधार होगा, जिससे आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।
इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत कुंरा का नाम बदलकर उसके ऐतिहासिक नाम ‘कुँवरगढ़’ करने की घोषणा की। इस निर्णय से क्षेत्रवासियों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
मुख्यमंत्री ने विधायक अनुज शर्मा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कुँवरगढ़ महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और इतिहास को सहेजने वाला समाज ही वास्तविक प्रगति करता है। ऐसे आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करते हैं।
विधायक अनुज शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कुँवरगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और राजा कुँवर सिंह गोंड की विरासत को पुनर्जीवित करना उनका संकल्प रहा है। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और धरसीवां को एक मॉडल विधानसभा बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें गौरवपथ निर्माण, खेल मैदान का उन्नयन, रानीसागर तालाब का सौंदर्यीकरण, खारून नदी में एनीकट निर्माण, टेकारी मार्ग का चौड़ीकरण और ग्राम गुमा में पुलिस चौकी की स्थापना शामिल है।
महोत्सव में स्थानीय लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, सांस्कृतिक झांकियां और पारंपरिक शिल्प की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इस आयोजन ने क्षेत्र की कला, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष अंजय शुक्ला, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन, विधायक मोतीलाल साहू सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, कुँवरगढ़ महोत्सव ने धरसीवां क्षेत्र को न केवल सांस्कृतिक रूप से समृद्ध किया, बल्कि विकास की नई दिशा भी प्रदान की है। यह आयोजन आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।