कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का भी सीधा प्रसारण किया गया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में तकनीक के बढ़ते उपयोग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बजट में किए गए महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में आधुनिक तकनीक, नवाचार और डिजिटल प्लेटफॉर्म किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य कृषि को अधिक लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। इसके लिए किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन की व्यवस्था करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र कटघोरा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. एस. पी. सिंह ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बजट में घोषित योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा, जब किसान उनके प्रति जागरूक होकर उन्हें अपनाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने और कृषि में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
वेबिनार के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के विभिन्न विशेषज्ञों ने भी किसानों को अलग-अलग विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। मत्स्य विज्ञान की विशेषज्ञ श्रीमती सुलोचना भुइयां ने मछली पालन के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं और नील क्रांति के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर प्रकाश डाला।
इसी तरह मृदा वैज्ञानिक डी. के. तँवर ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संतुलित उर्वरकों के उपयोग से न केवल फसलों की पैदावार बढ़ती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी लंबे समय तक बनी रहती है।
कीट वैज्ञानिक एम. एस. उर्रे ने किसानों को फसलों को कीट और रोगों से बचाने के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समय पर निगरानी और उचित कीटनाशकों के प्रयोग से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है।
वहीं उद्यानिकी विशेषज्ञ अर्चना कुर्रे ने किसानों को फल और सब्जियों की उच्च मूल्य वाली खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने विशेषज्ञों से सवाल भी पूछे और कृषि से जुड़ी अपनी समस्याओं पर चर्चा की। इस तरह का आयोजन किसानों के लिए नई योजनाओं और तकनीकों की जानकारी प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।