किरंदुल में व्यापारी इतिहास रचने को तैयार: तीन पैनलों की जंग से गूंज उठा लौह नगरी, बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ चुनाव बना चेतना का महाउत्सव

दंतेवाड़ा जिले की लौह नगरी किरंदुल में इस बार बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ का चुनाव इतिहास रचने वाला है। पहली बार तीन-तीन पैनल मैदान में हैं, जिससे पूरे नगर में चुनावी माहौल चरम पर है। व्यापारी, युवा और समाज के सभी वर्ग एकता और संगठन की शक्ति का प्रतीक बन चुके हैं।

Oct 28, 2025 - 14:03
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किरंदुल में व्यापारी इतिहास रचने को तैयार: तीन पैनलों की जंग से गूंज उठा लौह नगरी, बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ चुनाव बना चेतना का महाउत्सव

UNITED NEWS OF ASIA. असीम पाल, किरंदुल/दंतेवाड़ा। लौह नगरी किरंदुल इन दिनों सिर्फ जागी नहीं है, बल्कि चुनावी उत्साह से धधक रही है। 56 साल पुराने बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ का चुनाव इस बार इतिहास रचने जा रहा है। नगर में पहली बार तीन-तीन पैनल मैदान में हैं और हर गली, हर चौराहे पर सिर्फ एक ही चर्चा – “अबकी बार कौन?”

 

बाज़ार की हवा में अब सौदे नहीं, बल्कि नारे तैर रहे हैं। दुकानों से लेकर चौपालों तक व्यापारी समुदाय की एकता, नेतृत्व और भविष्य की दिशा पर संवाद चल रहा है।

किरंदुल के व्यापारी इस बार केवल दर्शक नहीं, बल्कि सक्रिय किरदार बन चुके हैं। यह चुनाव मात्र एक संगठनात्मक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनजागरण और विश्वास का उत्सव बन गया है। कुछ ताकतें इस एकता को तोड़ने और युवाओं का मनोबल कमजोर करने की कोशिश में हैं, लेकिन नगर का युवा संकल्प लेकर मैदान में उतरा है।


“हम ना रुकते, ना झुकते, निरंतर आगे बढ़ते हैं”— यही भावना अब पूरे किरंदुल की पहचान बन चुकी है।

यह चुनाव इस बात का प्रमाण है कि जब जनाधार मजबूत होता है, तो मतभेद भी एक नई जागरूकता का संकेत बन जाते हैं। यह मतभेद नहीं, “मतों की महक” है; यह बिखराव नहीं, “जागरूकता की चमक” है।

 

तीन पैनलों की यह जंग न केवल संगठन की दिशा तय करेगी, बल्कि यह तय करेगी कि भविष्य में किरंदुल का व्यापार कितना संगठित, स्वावलंबी और जनहितैषी रहेगा।

56 वर्ष पुराने इस संघ की नींव कुछ हाथों से रखी गई थी, और आज यह सैकड़ों दिलों की धड़कन बन चुका है। व्यापारी वर्ग के इस संगठन ने वर्षों से नगर के सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

3 नवंबर को परिणाम आएंगे, लेकिन सच्चाई यह है कि इतिहास पहले ही लिखा जा चुका है।
यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि किरंदुल के व्यापारियों की चेतना का महाउत्सव है —
जहां हर दिल से एक ही आवाज़ उठ रही है –
“जय व्यापारी एकता! जय बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ!”