खेत में करंट लगने से किसान की मौत, जोताई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

खैरागढ़ में खेत की जोताई के दौरान बोरवेल के बिजली तार की चपेट में आने से 43 वर्षीय किसान महेश वर्मा की मौत हो गई। घायल किसान को ग्रामीण तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

Jul 28, 2026 - 17:04
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खेत में करंट लगने से किसान की मौत, जोताई के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा

UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l खैरागढ़ जिले में मंगलवार को खेत की जोताई के दौरान एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान बैगा टोला निवासी महेश वर्मा (43 वर्ष) के रूप में हुई है, जो अपने खेत में कृषि कार्य कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार महेश वर्मा सुबह अपने खेत में जोताई का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान खेत में स्थित बोरवेल से जुड़े बिजली के तार की चपेट में आने से उन्हें तेज करंट लग गया। करंट लगते ही वे खेत में ही गिर पड़े। घटना को देखकर आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें बिजली के संपर्क से अलग कर उपचार के लिए खैरागढ़ सिविल अस्पताल ले गए।

सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए। किसान की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर फैल गई।

ग्रामीणों का कहना है कि खेती के दौरान बिजली से जुड़े उपकरणों और खुले तारों के कारण अक्सर दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। उन्होंने खेतों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बिजली लाइनों की नियमित जांच कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि की जाएगी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसा बोरवेल से जुड़े बिजली तार की चपेट में आने से हुआ है। हालांकि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर खेतों में बिजली संबंधी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि कृषि कार्य के दौरान खुले या क्षतिग्रस्त बिजली तार, बोरवेल कनेक्शन और विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच आवश्यक है। इससे इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतक किसान के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा बिजली सुरक्षा को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है, ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान को इस तरह की दुखद घटना का सामना न करना पड़े।