कवर्धा में छात्र अधिकार पदयात्रा संपन्न, परीक्षा पारदर्शिता और छात्र हितों को लेकर बुलंद हुई आवाज
कवर्धा में आयोजित छात्र अधिकार पदयात्रा में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने हिस्सा लेकर NEET एवं CBSE परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में आवाज उठाई। पदयात्रा को एनएसयूआई का समर्थन मिला। कार्यक्रम के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा को प्रतिभागियों ने छात्र संघर्ष की बड़ी उपलब्धि बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l जिले में छात्रों के अधिकार, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों के समर्थन में शनिवार को छात्र अधिकार पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा NEET एवं CBSE परीक्षा में कथित पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के विरोध तथा नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में निकाली गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और नागरिकों ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई।
पदयात्रा गांधी मैदान चौक से प्रारंभ होकर कांग्रेस भवन होते हुए भारत माता चौक तक निकाली गई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के सम्मान की मांग को लेकर अपनी बात रखी। आयोजन के दौरान शांतिपूर्ण ढंग से लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का समर्थन प्राप्त रहा। संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पदयात्रा में शामिल हुए और छात्रों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। आयोजन में शामिल वक्ताओं ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सरकार और संबंधित संस्थाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी ने कहा कि NEET एवं CBSE परीक्षा में कथित पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और छात्रों पर हुई कार्रवाई ने देशभर के युवाओं को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाकर यह संदेश दिया है कि शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि छात्र हितों, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और रोजगार के अवसरों के लिए यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
एनएसयूआई शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे ने कहा कि पदयात्रा में छात्रों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी इस बात का संकेत है कि शिक्षा केवल विद्यार्थियों का नहीं बल्कि पूरे समाज का विषय है। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था, पारदर्शी चयन प्रक्रिया और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए भविष्य में भी लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाई जाती रहेगी।
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम समाप्त होने के लगभग आधे घंटे बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा हुई। पदयात्रा में शामिल प्रतिभागियों ने इसे देशभर में परीक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे छात्र आंदोलनों और युवाओं की आवाज का परिणाम बताते हुए अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। हालांकि, इस्तीफे के कारणों को लेकर आधिकारिक स्तर पर जो भी जानकारी जारी की जाएगी, वही अंतिम रूप से मान्य होगी।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और छात्र हितैषी बनाना है। उनका कहना था कि जब तक परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों की चिंताओं का समाधान नहीं होगा, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठाने का क्रम जारी रहेगा।
इस अवसर पर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक सिंह ठाकुर, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भीष्म पांडे, एनएसयूआई के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक मौजूद रहे। पदयात्रा शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और प्रतिभागियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा छात्र अधिकारों की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।