ग्राम पंचायत पोंडी की निवासी शकुंतला नामदेव को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था। लेकिन जिस स्थान पर आवास का निर्माण होना था, वहां पहले से एक पुराना बिजली खंभा लगा हुआ था। इस वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था और महिला लंबे समय से इस समस्या से जूझ रही थी।
बताया गया कि शकुंतला नामदेव ने इस समस्या के समाधान के लिए कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवेदन दिया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार प्रयासों के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तब उन्होंने इस मामले की जानकारी भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जयराम साहू को दी और मदद की गुहार लगाई।
जयराम साहू ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जानकारी सांसद संतोष पांडेय को दी और जल्द समाधान कराने का आग्रह किया। सांसद संतोष पांडेय ने तत्परता दिखाते हुए विद्युत विभाग के संबंधित अधिकारियों से बातचीत की और निर्देश दिया कि उक्त बिजली खंभा को हटाकर आवास निर्माण में आ रही बाधा को दूर किया जाए।
सांसद के निर्देश के बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला की जमीन से बिजली खंभा हटवा दिया। इस कदम से न केवल समस्या का समाधान हुआ, बल्कि अब आवास निर्माण का कार्य भी दोबारा शुरू हो सकेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शकुंतला नामदेव ने सांसद संतोष पांडेय और जयराम साहू के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान अब जाकर हुआ है, जिससे उन्हें काफी राहत मिली है।
यह मामला दर्शाता है कि जनप्रतिनिधियों की सक्रियता और पहल से आम लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं का उद्देश्य ही यही है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सके।
हालांकि, यह भी एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा करता है कि यदि समय रहते संबंधित विभाग कार्रवाई करता, तो हितग्राही को इतनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे मामलों में प्रशासन की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी को इस तरह की समस्या का सामना न करना पड़े।
फिलहाल, पोंडी गांव की इस महिला के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है, और जल्द ही उनका अपना पक्का घर बनने का सपना पूरा होने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।