जिला युवा अधिकारी राज पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में माय भारत यूथ वालिंटियर्स ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों के साथ समय बिताया। युवाओं ने वृद्ध माता-पिता से बातचीत की और उनके साथ विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर समय बिताया। इस दौरान युवाओं ने वृद्धजनों के अनुभवों को जाना और उनके जीवन से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने वृद्धजनों के साथ मनोरंजन भी किया। आत्मीय वातावरण में युवाओं और वृद्धजनों के बीच संवाद हुआ। वालिंटियर्स ने वृद्धजनों की सेवा करते हुए उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पहल के माध्यम से युवाओं ने समाज में बुजुर्गों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश दिया।
माय भारत यूथ वालिंटियर्स की ओर से आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में युवाओं ने वृद्धजनों के साथ आत्मीयता से समय बिताया। कार्यक्रम के दौरान वृद्धजनों के अनुभवों और जीवन से जुड़े पहलुओं को समझने का प्रयास किया गया। युवाओं ने उनके साथ बातचीत कर यह संदेश देने का प्रयास किया कि वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके अनुभवों तथा योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सेवा, सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता को प्रमुखता दी गई। युवाओं ने वृद्धजनों की सेवा के माध्यम से सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को समाज के विभिन्न वर्गों से जोड़ना और उनमें सेवा भावना विकसित करना है। वृद्धजनों के साथ समय बिताने से युवाओं को उनके अनुभवों को समझने का अवसर मिला। साथ ही कार्यक्रम के माध्यम से बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक रोहित रजक, पंकज चंद्रवंशी, सुनील चंद्रवंशी, दीपक मरकाम, अजय, सोनू साहू, दुर्गेश, गगन और ओमप्रकाश सहित माय भारत यूथ वालिंटियर्स उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं ने वृद्धजनों के साथ समय बिताकर सेवा और सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया। सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी ने सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता के प्रति समर्पण का संदेश दिया।