मामले की सुनवाई न्यायाधीश ईशान व्यास की अदालत में हुई। कांग्रेस नेताओं की ओर से कांग्रेस विधि विभाग के अधिवक्ता प्रीतम देशमुख, घनश्याम साहू, सौरभ ताम्रकार, दलेश्वर बंजारे और जय डहरिया ने पैरवी की। अधिवक्ताओं ने सभी आरोपियों को नियमित जमानत दिए जाने का अनुरोध किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने सभी 9 कांग्रेस नेताओं को नियमित जमानत का लाभ देते हुए रिहा कर दिया।
न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान दुर्ग न्यायालय परिसर में कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। जिला एवं ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों, मंडल अध्यक्षों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने न्यायालय पहुंचकर राकेश ठाकुर सहित अन्य नेताओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
मामला अप्रैल 2026 में उतई क्षेत्र में बच्ची से जुड़ी घटना के विरोध में आयोजित कांग्रेस के प्रदर्शन से संबंधित है। घटना के बाद जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मिनी माता चौक, उतई में विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई थी। प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्री विजय शर्मा का पुतला दहन भी किया गया था।
पुतला दहन के दौरान पुलिस द्वारा पुतला बुझाने और उसे कब्जे में लेने के प्रयास के बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच खींचतान हुई। इसी दौरान आरक्षक गिरधर मंडावी का हाथ आग की चपेट में आने से झुलस गया था। घटना के बाद उतई थाना पुलिस ने प्रारंभ में अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। बाद में जांच के दौरान कांग्रेस के 9 नेताओं को आरोपी बनाया गया था। मई 2026 में उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें मुचलके पर रिहा किया गया था।
पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए कांग्रेस नेताओं में जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष राकेश ठाकुर, उतई नगर अध्यक्ष प्रहलाद वर्मा, नगर पंचायत उतई नेता प्रतिपक्ष द्वारिका साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष डिकेंद्र हिरवानी, गुलशन शर्मा, जिला सचिव लोचन यादव, मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र बंजारे, सत्यप्रकाश कौशिक और दिवाकर गायकवाड़ शामिल हैं।
पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में राकेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन बच्ची से जुड़ी घटना के विरोध और क्षेत्र की कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर था। उन्होंने कथित अवैध शराब कारोबार को लेकर पूर्व में शिकायतें किए जाने का दावा भी किया। पुतला बुझाने के दौरान आरक्षक के झुलसने की घटना पर उन्होंने खेद जताया और कहा कि कांग्रेस नेताओं ने न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान किया है।
राकेश ठाकुर ने यह भी कहा कि जिस मूल घटना के विरोध में आंदोलन किया गया था, उसमें विशेष न्यायालय द्वारा आरोपी धनेश्वर साहू उर्फ जनता को दोषी ठहराकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उस समय बच्ची और उसके परिवार को न्याय दिलाने तथा कानून-व्यवस्था को लेकर आवाज उठाई थी।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्यायालय की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए वे आगे भी इस मामले में अपना कानूनी पक्ष रखते रहेंगे। वर्तमान मामले में 9 कांग्रेस नेताओं को न्यायालय से नियमित जमानत मिलने के बाद उनकी कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।