दशरंगपुर के 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में हुआ आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम
कवर्धा के दशरंगपुर क्षेत्र में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पोषण, स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्वच्छता और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने के साथ बच्चों और माताओं को विभिन्न सेवाओं का लाभ दिया गया। न्योता भोज, स्वास्थ्य जांच, मेहंदी-रंगोली प्रतियोगिता, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, पौधारोपण और खिलौना बैंक जैसी गतिविधियों में समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत दशरंगपुर क्षेत्र के 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिवसीय आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, हितग्राही माताओं, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, बच्चों और अभिभावकों ने उत्साह के साथ भाग लिया।
आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम का उद्देश्य जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभागीय सेवाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने, पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा विकसित भारत-2047 के नागरिक संकल्प से समुदाय को जोड़ना रहा। कार्यक्रम के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ जनभागीदारी को भी प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक तरीके से सजाया गया। केंद्रों में खाद्यान्न, ताजी हरी सब्जियों और फलों से तैयार ‘मेरी पौष्टिक थाली’ का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से बच्चों और महिलाओं को संतुलित पोषण के महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कुपोषण मुक्त समाज के लिए पौष्टिक आहार को दैनिक जीवन में शामिल करने का संदेश दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्रों में गर्भवती महिलाओं, अन्य महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। आवश्यकता के अनुसार टीकाकरण भी किया गया। उपस्थित हितग्राहियों को स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी आवश्यक जानकारी दी गई।
सामुदायिक सहभागिता के तहत बच्चों के लिए ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया गया। बच्चों को पौष्टिक भोजन के साथ फल और मिठाइयां वितरित की गईं। इसके अलावा बच्चों के लिए मनोरंजक खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में महिलाओं और युवतियों के लिए मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता के माध्यम से स्वस्थ एवं सुपोषित बच्चों को प्रोत्साहित किया गया। बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चों और उनकी माताओं को सम्मानित किया गया।
कुपोषण के खिलाफ जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण वाटिका तैयार करने के लिए फलदार पौधों और पौष्टिक सब्जियों का रोपण किया गया। परिवारों को घर-घर मुनगा लगाने और पौष्टिक आहार को दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास को बढ़ावा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक को समृद्ध करने की पहल की गई। समुदाय के लोगों से बच्चों के उपयोग के खिलौने और खेल सामग्री आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध कराने की अपील की गई।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। वहीं महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए योजना की राशि का उपयोग करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए पात्र नए हितग्राहियों का मौके पर पंजीयन भी किया गया।
दशरंगपुर क्षेत्र के सभी 175 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में समुदाय की सक्रिय सहभागिता रही। कार्यक्रम के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ शासन, प्रशासन और जनभागीदारी के बीच समन्वय को मजबूत करने का प्रयास किया गया।