विद्यालय में दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने कलेक्टर के सामने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कक्षा 8वीं के विद्यार्थी हेमंत जोशी और तीरथ साहू ने हिंदी विषय के पाठ 9 ‘साहस के पैर’ को ब्रेल लिपि के माध्यम से पढ़कर सुनाया। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रतिभा को देखकर कलेक्टर ने उनका उत्साह बढ़ाया और सराहना की।
विद्यार्थियों ने ब्रेल तकनीक के माध्यम से कलेक्टर तुलिका प्रजापति का नाम लिखकर भी दिखाया। कलेक्टर ने बच्चों से ब्रेल लिपि के माध्यम से पढ़ाई करने की प्रक्रिया और इसके लिए उपयोग की जाने वाली तकनीक के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी तरह सीखने और अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कक्षा तीसरी के एक विद्यार्थी ने टेलर फ्रेम के माध्यम से जोड़-घटाव करके अपनी गणितीय क्षमता का प्रदर्शन किया। विद्यार्थी की प्रतिभा देखकर कलेक्टर ने उसका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों की क्षमता और रुचि के अनुरूप उन्हें सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि विद्यार्थी अपनी क्षमताओं को बेहतर तरीके से विकसित कर सकें।
श्रवणबाधित विद्यार्थियों से कलेक्टर ने शिक्षक के माध्यम से साइन लैंग्वेज में संवाद किया। उन्होंने बच्चों से साइन लैंग्वेज में ए से जेड तक की जानकारी ली और उनकी संवाद क्षमता को समझा। विद्यार्थियों ने भी आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कलेक्टर ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें आगे सीखने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय में पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को रोजगारमूलक कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कक्षा 6वीं से 8वीं तक के बच्चों को सिलाई और टेलरिंग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण का निरीक्षण किया और बच्चों को सिखाए जा रहे कौशल की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण भविष्य में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने में उपयोगी हो सकता है।
कलेक्टर ने श्रवणबाधित बच्चों के लिए बनाए गए थेरेपी रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों को दी जा रही थेरेपी और उसकी व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद छात्रावास पहुंचकर विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था देखी। मेस में उन्होंने बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली और भोजन की गुणवत्ता, नियमितता तथा बच्चों की सुविधाओं को लेकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी भी ली। उन्होंने आवश्यक भवन निर्माण कार्य के लिए स्टीमेट तैयार कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों के साथ समय बिताया और विद्यार्थियों को चॉकलेट एवं फल वितरित किए। चॉकलेट और फल पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी नजर आई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने और अपनी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर उप संचालक समाज कल्याण अभिलाषा पांडा सहित विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।