कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों पर पशुवध और मांस बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

कबीरधाम जिले में गणतंत्र दिवस, गांधी निर्वाण दिवस, महाशिवरात्री, रामनवमी, महावीर जयंती, डॉ. अंबेडकर जयंती एवं बुद्ध जयंती सहित कई राष्ट्रीय व धार्मिक पर्वों पर पशुवध गृह और मांस बिक्री केंद्र बंद रहेंगे। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आदेश जारी किया है।

Jan 16, 2026 - 17:36
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कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों पर पशुवध और मांस बिक्री पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

 UNITED NEWS OF ASIA.कवर्धा। जिले में शांति, सौहार्द एवं धार्मिक भावनाओं के सम्मान को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी  गोपाल वर्मा ने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं धार्मिक पर्वों के अवसर पर पशुवध एवं मांस बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। यह आदेश छत्तीसगढ़ शासन के पर्यावरण एवं नगरीय निकाय विभाग मंत्रालय, रायपुर के निर्देशानुसार लागू किया गया है।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार कबीरधाम जिले में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस, 30 जनवरी गांधी निर्वाण दिवस, 15 फरवरी महाशिवरात्री पर्व, 20 मार्च चैतीचांद, 26 मार्च रामनवमी, 31 मार्च महावीर जयंती, 14 अप्रैल डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती तथा 01 मई बुद्ध जयंती के अवसर पर जिले के सभी पशुवध गृह एवं मांस बिक्री केंद्र पूर्णतः बंद रहेंगे।

प्रशासन द्वारा यह निर्णय जिले में सामाजिक समरसता बनाए रखने तथा विभिन्न धर्मों एवं समुदायों की आस्थाओं का सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इन पर्वों का धार्मिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय महत्व अत्यंत विशेष है, ऐसे में शासन द्वारा पशुवध एवं मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाकर जनभावनाओं का सम्मान किया जा रहा है।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने संबंधित नगर पालिका, नगर पंचायत एवं अन्य स्थानीय निकायों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आदेश का सख्ती से पालन कराएं। साथ ही खाद्य सुरक्षा विभाग, पुलिस प्रशासन एवं नगरीय निकायों को संयुक्त रूप से निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रतिबंध का उल्लंघन न हो सके।

आदेश के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने मांस व्यापारियों एवं आम नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करें।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के निर्णय न केवल धार्मिक सौहार्द को मजबूत करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता एवं शांति बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होते हैं। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा है कि जिले में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।