लोहारा परिक्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से अलर्ट हुआ वन विभाग, जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

कबीरधाम जिले के लोहारा परिक्षेत्र में बाघ के विचरण की सूचनाओं के बीच वन विभाग ने जन-जागरूकता अभियान चलाया। ग्रामीणों को सतर्कता, सुरक्षा उपायों और मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव की जानकारी देते हुए सहयोग की अपील की गई।

Jan 15, 2026 - 15:29
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लोहारा परिक्षेत्र में बाघ की मौजूदगी से अलर्ट हुआ वन विभाग, जन-जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

UNITED NEWS OF ASIA. | कबीरधाम जिले के लोहारा परिक्षेत्र अंतर्गत मोहनपुर सर्किल क्षेत्र में बाघ के विचरण की लगातार मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने वन्यजीव सुरक्षा एवं जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को संभावित खतरे के प्रति सतर्क करना तथा मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की स्थिति को रोकना रहा।

वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रभावित एवं संवेदनशील गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को बाघ के व्यवहार, उसके संभावित विचरण क्षेत्रों और आवश्यक सुरक्षा उपायों की विस्तार से जानकारी दी। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जंगल या घने क्षेत्रों में अकेले जाने से बचें, विशेषकर सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सतर्कता बरतें। साथ ही मवेशियों को खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई।

अभियान के दौरान वन अमले ने ग्रामीणों को स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्थान पर बाघ या अन्य वन्य प्राणी के पदचिह्न, दहाड़, आवाज या मौजूदगी के संकेत दिखाई दें, तो तत्काल वन विभाग या नजदीकी वन चौकी को सूचित करें। किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं साझा न करने की भी समझाइश दी गई।

वन अधिकारियों ने बताया कि बाघ एक संरक्षित वन्य जीव है और उसका संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग द्वारा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेस्पॉन्स टीम को सक्रिय करने की भी पूरी तैयारी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

जन-जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने वन विभाग को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया और किसी भी असामान्य गतिविधि की तत्काल सूचना देने की सहमति जताई। वन अधिकारियों ने कहा कि जन सहयोग से ही मानव जीवन की सुरक्षा और वन्यजीवों का संरक्षण संभव है