पत्रकार सुरक्षा कानून के पालन की मांग को लेकर 11 जून को जगदलपुर में महा धरना-प्रदर्शन
बस्तर जिला पत्रकार संघ ने पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने के मामलों के विरोध में 11 जून को जगदलपुर में महा धरना-प्रदर्शन का आह्वान किया है। संघ का कहना है कि पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे पत्रकारों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. बी महेश राव,जगदलपुर l बस्तर जिला पत्रकार संघ ने पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने के मामलों के विरोध में 11 जून को जगदलपुर में महा धरना-प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की है। यह आंदोलन बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित होगा, जिसमें संभाग के विभिन्न जिलों के पत्रकारों के शामिल होने की संभावना है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू होने के बावजूद कई मामलों में उसके प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कानून के तहत पत्रकारों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए, लेकिन कई मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर दी जाती है। इसे पत्रकार सुरक्षा कानून की भावना के विपरीत बताया जा रहा है।
बस्तर जिला पत्रकार संघ का कहना है कि पत्रकारों को कानून द्वारा प्रदत्त सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। संघ की मांग है कि पत्रकारों से जुड़े मामलों में निर्धारित जांच प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया जाए तथा बिना जांच किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से बचा जाए।
संघ के अनुसार पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का कार्य करते हैं। ऐसे में पत्रकारों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए। संगठन का मानना है कि पत्रकार सुरक्षा कानून का उद्देश्य भी यही है कि पत्रकार निष्पक्ष रूप से अपना कार्य कर सकें और उन्हें अनावश्यक कानूनी दबाव का सामना न करना पड़े।
धरना-प्रदर्शन को लेकर बस्तर जिला पत्रकार संघ ने संभाग के अन्य जिलों के पत्रकारों से भी सहभागिता की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह केवल एक जिले का नहीं बल्कि पत्रकारिता जगत से जुड़े सभी लोगों का विषय है। इसलिए व्यापक एकजुटता के साथ इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बस्तर क्षेत्र में पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें पत्रकारों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज किए जाने को लेकर सवाल उठे थे। इन्हीं घटनाओं और पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग को लेकर यह सांकेतिक आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार आंदोलन का उद्देश्य किसी संस्था या व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि पत्रकार सुरक्षा कानून के प्रावधानों के पालन और पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना है। संघ ने उम्मीद जताई है कि आंदोलन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों और सरकार का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित होगा तथा पत्रकारों से जुड़े मामलों में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
11 जून को प्रस्तावित इस महा धरना-प्रदर्शन को लेकर पत्रकार समुदाय में तैयारियां शुरू हो गई हैं और बड़ी संख्या में पत्रकारों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।