झारखंड शिक्षक भर्ती घोटाला: हाईकोर्ट ने JSSC को संशोधित मेधा सूची पेश करने का दिया आदेश

झारखंड शिक्षक भर्ती में सामने आई गड़बड़ियों के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने JSSC को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार विषयवार और कोटिवार संशोधित राज्य मेधा सूची पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सामुदायिक स्वास्थ्य के स्नातक विज्ञान कोर्स उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने और 2019 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर 4200 ग्रेड पे देने का भी निर्देश दिया है।

Sep 13, 2026 - 14:51
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झारखंड शिक्षक भर्ती घोटाला: हाईकोर्ट ने JSSC को संशोधित मेधा सूची पेश करने का दिया आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. झारखंड में शिक्षक भर्ती से जुड़े गड़बड़ी के मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तैयार की गई विषयवार और कोटिवार संशोधित राज्य मेधा सूची पेश करने का निर्देश दिया है। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं की जांच के लिए हाईकोर्ट द्वारा गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी भी मामले की सुनवाई कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।

झारखंड हाईकोर्ट द्वारा गठित वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस गौतम कुमार चौधरी ने स्नातक स्तरीय प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कमेटी ने JSSC को निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विषयवार और कोटिवार संशोधित राज्य मेधा सूची तैयार कर अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जाए। शिक्षक नियुक्ति में हुई गड़बड़ियों को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की ओर से जांच की जा रही है।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने JSSC द्वारा सरकार को उपलब्ध कराई गई अनुशंसा के आधार पर की गई नियुक्तियों के संबंध में शपथ पत्र दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा। अदालत के समक्ष प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, तान्या सिंह, राजेश कुमार सहित अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। अब मामले में आगे की सुनवाई के दौरान संशोधित मेधा सूची और नियुक्तियों से संबंधित सरकार के शपथ पत्र पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

इसी मामले से जुड़े एक अन्य प्रकरण में सामुदायिक स्वास्थ्य के स्नातक विज्ञान कोर्स उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनील कुमार एवं अन्य अभ्यर्थियों से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वर्ष 2019 के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर पात्र अभ्यर्थियों को 4200 ग्रेड पे दिया जाए।

अदालत के समक्ष प्रार्थियों की ओर से बताया गया कि राज्य सरकार पहले ही एक संकल्प जारी कर चुकी है, जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य में स्नातक विज्ञान की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सहायक पद पर नियुक्त करने और 4200 ग्रेड पे देने का निर्णय लिया गया है। इसी आधार पर अभ्यर्थियों ने नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब संबंधित अभ्यर्थियों की नियुक्ति और वेतनमान से जुड़ी प्रक्रिया में आगे कार्रवाई का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

शिक्षक भर्ती मामले में संशोधित मेधा सूची को अदालत में पेश किया जाना इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भर्ती प्रक्रिया में सामने आई कथित अनियमितताओं की जांच के बाद नियुक्तियों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। अब अगली सुनवाई में JSSC की संशोधित सूची और राज्य सरकार के शपथ पत्र के आधार पर मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होगी।