उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का पुलिस को स्पष्ट निर्देश, ‘नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी’

कवर्धा में आयोजित राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि नशीले पदार्थों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए। उन्होंने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विवेचना मजबूत करने पर भी जोर दिया।

Sep 13, 2026 - 15:00
Sep 13, 2026 - 15:01
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उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का पुलिस को स्पष्ट निर्देश, ‘नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना जरूरी’

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। कवर्धा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारियों और विवेचना अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशे के कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क के खिलाफ सख्त और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

विजय शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिस को नशे के सौदागरों के साथ-साथ उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की जरूरत है। उन्होंने नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण से जुड़े लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया। उनका कहना था कि नशे के कारोबार की पूरी श्रृंखला को समझकर उसके अलग-अलग स्तरों पर कार्रवाई की जाए, ताकि इस नेटवर्क को जड़ से समाप्त किया जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की विवेचना वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मजबूत की जाए। उन्होंने कहा कि किसी आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस की जिम्मेदारी समाप्त नहीं होती, बल्कि जांच को इस तरह मजबूत बनाया जाना चाहिए कि संबंधित मामले न्यायालय में भी मजबूती से टिक सकें। इसके लिए पुलिस अधिकारियों को साक्ष्य संकलन, तकनीकी जांच और विवेचना की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

कार्यशाला में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले मामलों की जांच और कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। नशीले पदार्थों की बिक्री और तस्करी से जुड़े मामलों में नेटवर्क की पहचान, आरोपियों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया। पुलिस अधिकारियों और विवेचना अधिकारियों को मामलों की जांच के दौरान वैज्ञानिक तरीकों तथा तकनीकी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।

विजय शर्मा के निर्देशों में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रदेश में नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को केवल छोटे स्तर के आरोपियों तक सीमित रखने के बजाय इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क पर भी केंद्रित किया जाना चाहिए। पुलिस को नशीले पदार्थों की आपूर्ति, परिवहन और भंडारण से जुड़े मामलों की कड़ियों को जोड़कर कार्रवाई करने की जरूरत बताई गई। इससे जांच एजेंसियों को बड़े नेटवर्क तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

कार्यशाला के दौरान अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे एनडीपीएस से जुड़े मामलों में कानून के प्रावधानों का पालन करते हुए प्रभावी विवेचना सुनिश्चित करें। साथ ही, तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के इस्तेमाल से मामलों को मजबूत बनाने पर ध्यान दिया जाए। उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री के निर्देशों के बाद नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में नेटवर्क आधारित जांच और मजबूत साक्ष्य जुटाने को प्राथमिकता दिए जाने की बात सामने आई है।