CGPSC घोटाला मामला: ED रिमांड में ADM चेतन बरघोरिया, CM साय बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

CGPSC घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज के ADM चेतन बरघोरिया को गिरफ्तार किया है। अदालत ने उन्हें 6 दिन की ED रिमांड पर भेजा है। गिरफ्तारी पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अपराध के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है और जांच के बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Sep 13, 2026 - 15:06
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CGPSC घोटाला मामला: ED रिमांड में ADM चेतन बरघोरिया, CM साय बोले- किसी को बख्शा नहीं जाएगा

UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज है। ED ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के एडिशनल कलेक्टर चेतन बरघोरिया को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें छह दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया। इसी मामले में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार 13 सितंबर को सरकार की कार्रवाई और नीति को लेकर स्पष्ट बयान दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार अपराध के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यकाल में यदि कोई अपराध करता है तो उसकी जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उनका यह बयान CGPSC मामले में ED की ओर से की गई कार्रवाई के बीच सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, ED ने शुक्रवार को बलरामपुर-रामानुजगंज के ADM चेतन बरघोरिया को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें विशेष अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान ED की ओर से कथित तौर पर उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बरघोरिया के बीच हुई WhatsApp चैट का हवाला दिया गया। एजेंसी ने मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए हिरासत की मांग की, जिसके बाद अदालत ने चेतन बरघोरिया को छह दिनों की ED रिमांड पर भेज दिया।

CGPSC घोटाला मामला पहले से ही राज्य में चर्चित रहा है और इससे जुड़े मामलों की जांच अलग-अलग स्तरों पर चलती रही है। मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ED की जांच के बीच ADM स्तर के अधिकारी की गिरफ्तारी ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए आरोपों और सामने आए साक्ष्यों पर अंतिम स्थिति न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान में यह भी संकेत दिया कि सरकार अपराध या भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि कानून के तहत जांच होगी और यदि किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सरकार की ओर से इस मामले में किसी तरह की नरमी नहीं बरतने का संदेश दिया गया है।

इस बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख नेता जुटे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार भारत को BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने का अवसर मिला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन आयोजित हो रहा है।

CGPSC मामले में अब ED की रिमांड अवधि के दौरान जांच आगे बढ़ेगी। एजेंसी की पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय हो सकती है। वहीं, मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस वाले बयान के बाद इस मामले में सरकार के रुख को लेकर भी स्पष्ट संदेश गया है कि जांच के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।