BRICS सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच करीब 45 मिनट तक अहम द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक में दोनों देशों के संबंधों को बेहतर बनाने और आगे बढ़ाने से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की गई। बातचीत में संस्थागत संवाद को बढ़ाने, व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान सेवाएं फिर शुरू करने जैसे विषय शामिल रहे। इसके अलावा व्यापार घाटे से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-चीन संबंधों को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और हितों के आधार पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों पक्षों ने इस बात पर भी चर्चा की कि सीमा से जुड़े मतभेदों को विवाद का रूप लेने से रोकना जरूरी है। सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने को दोनों देशों के हित में बताया गया। भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा संबंधी मतभेदों के बीच शीर्ष नेतृत्व की यह बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
शी जिनपिंग शनिवार दोपहर एयर चाइना की विशेष उड़ान से नई दिल्ली पहुंचे थे। उनके साथ चीन का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया था। एयरपोर्ट से भारत मंडपम तक शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। वह आर्मर्ड होंगछी N701 कार से भारत मंडपम पहुंचे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। BRICS शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं की मौजूदगी पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रही।
शी जिनपिंग शनिवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से BRICS नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल नहीं हुए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार व्यस्त कार्यक्रम के बाद उन्होंने होटल में आराम करने का विकल्प चुना। हालांकि अगले दिन BRICS सम्मेलन के कार्यक्रमों में वह मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान भी शी जिनपिंग सम्मेलन स्थल पर दिखाई दिए। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य BRICS नेताओं के साथ आयोजित फैमिली फोटो में हिस्सा लिया।
शी जिनपिंग का भारत दौरा ऐसे समय हुआ जब दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर संवाद बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं। BRICS जैसे बहुपक्षीय मंच पर दोनों देशों की भागीदारी के अलावा द्विपक्षीय स्तर पर व्यापार, संपर्क और सीमा से जुड़े मुद्दे अहम बने हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की 45 मिनट की बैठक में इन विषयों पर बातचीत को आगे बढ़ाने का संकेत मिला है।
BRICS सम्मेलन के कार्यक्रम पूरे होने के बाद शी जिनपिंग अब भारत से चीन रवाना हो गए हैं। करीब सात साल बाद उनके भारत दौरे में BRICS शिखर सम्मेलन प्रमुख केंद्र रहा, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता ने इस यात्रा को भारत-चीन संबंधों के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बना दिया। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बातचीत, व्यापारिक संबंधों और संपर्क सुविधाओं को लेकर होने वाली प्रगति पर नजर रहेगी।