बैठक में डॉ. विनीत चन्द्र पोस्ती समेत बोर्ड के अन्य सदस्यों ने यात्रा व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और मंदिरों के विकास से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान यात्रा के दूसरे चरण में व्यवस्थाओं को और मजबूत करने, श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने तथा संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने को लेकर चर्चा की गई।
बैठक में गुप्तकाशी के शोणितपुर स्थित संस्कृत महाविद्यालय का नामकरण बीकेटीसी के दिवंगत सदस्य श्रीनिवास पोस्ती के नाम पर किए जाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। बोर्ड सदस्यों ने इस प्रस्ताव सहित मंदिर समिति से जुड़े अन्य विषयों पर विचार साझा किए। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को समय रहते मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में वर्ष 2026 की चारधाम यात्रा ऐतिहासिक रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा के द्वितीय चरण में श्रद्धालुओं को पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मंदिर समिति पूरी तरह तैयार है। यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों और व्यवस्थाओं के बीच समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बीकेटीसी के अनुसार अब तक 50 लाख से अधिक तीर्थयात्री चारधाम और श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा कर चुके हैं। वहीं बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में 32 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी दी गई है। यात्रा के लिए अब तक 60 लाख से अधिक पंजीकरण किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
बीकेटीसी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार श्री बदरीनाथ धाम में अब तक 17,22,908 और श्री केदारनाथ धाम में 14,92,047 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। दोनों धामों से मंदिर समिति को 76 करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए आगामी चरण में भी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता होगी।
चारधाम यात्रा के दूसरे चरण को लेकर बीकेटीसी की तैयारियों के बीच श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों और प्रस्तावों के आधार पर आने वाले दिनों में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।