UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक बढ़ गई है। जलाशयों का जलस्तर लगातार ऊपर जाने से प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। जिले के सबसे प्रमुख रविशंकर जलाशय यानी गंगरेल बांध का जलस्तर 97 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए गंगरेल बांध के 7 गेट खोल दिए गए हैं और करीब 34,282 क्यूसेक पानी की निकासी जारी है।
गंगरेल बांध से बड़ी मात्रा में पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके चलते महानदी और आसपास के निचले क्षेत्रों में पानी का प्रवाह बढ़ने की संभावना बनी हुई है। प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों को नदी और जलाशयों के आसपास जाने से बचने तथा जलस्तर की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
लगातार बारिश का असर जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। मुरूमसिल्ली जलाशय 100 प्रतिशत भर चुका है, जबकि दुधावा जलाशय में 94.55 प्रतिशत और सोंदूर जलाशय में 75.87 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। जलाशयों में लगातार पानी की आवक बनी रहने के कारण आने वाले समय में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
जलाशयों के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा लगातार स्थिति की निगरानी की जा रही है। बांधों में पानी की आवक, जलस्तर और निकासी की स्थिति के आधार पर आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं। अधिकारियों की नजर गंगरेल सहित जिले के अन्य जलाशयों पर बनी हुई है और परिस्थितियों के अनुसार पानी की निकासी की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।
महानदी सहित जिले के नदी-नालों में पानी का बहाव बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। प्रशासन ने नागरिकों को नदी, नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही नहीं करने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
धमतरी जिले में लगातार बारिश और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की ओर से हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है। गंगरेल बांध के गेट खोले जाने के बाद महानदी में पानी छोड़े जाने से निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। यदि जलाशयों में पानी की आवक इसी तरह बनी रहती है तो आवश्यकता के अनुसार निकासी बढ़ाई जा सकती है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देकर आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।