थाना बगीचा के वार्षिक निरीक्षण में डीआईजी डॉ. लाल उमेद सिंह सख्त, रिकॉर्ड और मालखाना व्यवस्था सुधारने के दिए निर्देश
जशपुर के डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने थाना बगीचा का वार्षिक निरीक्षण कर रिकॉर्ड संधारण, मालखाना, स्वच्छता और पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड और शासकीय संपत्ति के रखरखाव में कमियां मिलने पर थाना प्रभारी और मोहर्रिर को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
UNITED NEWS OF ASIA. योगेश यादव, जशपुर l जशपुर रेंज के डीआईजी एवं एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने थाना बगीचा का वार्षिक निरीक्षण कर थाना की कार्यप्रणाली, रिकॉर्ड संधारण, शासकीय संपत्ति, मालखाना, स्वच्छता व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान कई अभिलेखों और शासकीय संपत्ति के रखरखाव में कमियां मिलने पर थाना प्रभारी और थाना के मोहर्रिर को कड़ी फटकार लगाई गई तथा सभी व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान ग्राम अपराध पुस्तिका, जरायम रजिस्टर, जब्त सामग्री, मालखाना और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण किया गया। डॉ. लाल उमेद सिंह ने निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड अद्यतन और व्यवस्थित रखे जाएं तथा अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां समय पर दर्ज की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड संधारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीआईजी ने थाना परिसर, कार्यालयीन कक्षों और अन्य हिस्सों की साफ-सफाई का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि थाना परिसर हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित होना चाहिए ताकि अपनी समस्या लेकर आने वाले नागरिकों को बेहतर वातावरण मिल सके। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लंबित गंभीर अपराधों, शिकायतों और विवेचना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं नियमानुसार निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक शिकायत पर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए डॉ. लाल उमेद सिंह ने गुंडा-बदमाशों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों की नियमित जांच और निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, बीट पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने तथा बीट अधिकारियों को अपने क्षेत्र के लोगों से नियमित संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया।
महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पीड़ितों को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही थाना आने वाले फरियादियों के साथ विनम्र और सम्मानजनक व्यवहार करने तथा उनकी शिकायतों पर बिना विलंब कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देशित किया।
डीआईजी ने पुलिस मितान के साथ समन्वय बढ़ाने, जन चौपाल में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करने और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर भी बल दिया। उन्होंने साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के प्रति आम लोगों को जागरूक करने तथा तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। उन्हें अनुशासन, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करने की सलाह दी गई। डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग, पारदर्शिता और आम जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार ही पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इसी दिशा में जशपुर पुलिस लगातार कार्य कर रही है।