समाजसेवा को बनाया कैरियर: जनार्दन श्रीवास की प्रेरणादायक पहल

गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले के जनार्दन श्रीवास ने समाजसेवा को अपने जीवन का उद्देश्य और कैरियर बनाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि संकल्प और निरंतर प्रयास से समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।

Dec 18, 2025 - 11:31
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समाजसेवा को बनाया कैरियर: जनार्दन श्रीवास की प्रेरणादायक पहल

 UNITED NEWS OF ASIA. अवास कैवर्त, पेंड्रा | छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले से समाज परिवर्तन की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां साधारण परिवार से आने वाले जनार्दन श्रीवास ने समाजसेवा को केवल एक भावना नहीं, बल्कि अपने जीवन का कैरियर बना लिया। उन्होंने यह साबित किया है कि यदि सोच स्पष्ट हो और उद्देश्य मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।

छोटे से गांव में जन्मे जनार्दन श्रीवास ने प्रारंभ से ही यह अनुभव किया कि शिक्षा और जागरूकता के अभाव में समाज का एक बड़ा वर्ग विकास की मुख्यधारा से पीछे रह जाता है। इसी सोच ने उन्हें शिक्षा को अपना सबसे बड़ा माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि शिक्षा ही वह आधार है, जिस पर सामाजिक, आर्थिक और वैचारिक परिवर्तन की मजबूत नींव रखी जा सकती है।

समाजसेवा को व्यवस्थित और दीर्घकालिक स्वरूप देने के उद्देश्य से जनार्दन श्रीवास वनवासी कल्याण आश्रम से जुड़े। इस संगठन से जुड़ने के बाद उनके कार्यों को एक नई दिशा और व्यापक मंच मिला। उन्होंने विशेष रूप से जनजातीय और वनांचल क्षेत्रों में रह रहे लोगों के बीच शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण से जुड़े कार्यों में सक्रिय भागीदारी शुरू की।

जनार्दन श्रीवास बच्चों को नियमित शिक्षा के लिए प्रेरित करने, अभिभावकों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराने तथा समाज में व्याप्त नशाखोरी, कुरीतियों और सामाजिक असमानताओं के खिलाफ जागरूकता फैलाने का कार्य लगातार कर रहे हैं। इसके साथ ही वे स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक मूल्यों को लेकर भी लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं।

आज जनार्दन श्रीवास समाज के बीच एक समर्पित और ईमानदार सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पहचान बना चुके हैं। उनका स्पष्ट लक्ष्य है कि समाज का अंतिम व्यक्ति भी शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। वे मानते हैं कि जब तक समाज के कमजोर वर्ग सशक्त नहीं होंगे, तब तक वास्तविक विकास संभव नहीं है।

जनार्दन श्रीवास का जीवन यह संदेश देता है कि समाजसेवा को यदि संकल्प, योजना और निरंतरता के साथ अपनाया जाए, तो यह न केवल समाज को नई दिशा दे सकती है, बल्कि स्वयं के जीवन को भी उद्देश्यपूर्ण बना सकती है। उनके प्रयास आज युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन रहे हैं और समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं।