हरेली हमारी कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और समृद्धि का पर्व : गुरु खुशवंत साहेब
कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों को हरेली तिहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने हरेली को छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और लोक परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व बताया। उन्होंने किसानों को सशक्त बनाने, युवाओं को कौशल एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ शासन के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने हरेली को छत्तीसगढ़ की माटी, किसान, प्रकृति और समृद्ध लोक परंपराओं से जुड़ा पर्व बताते हुए प्रदेशवासियों से इसकी सांस्कृतिक भावना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि हरेली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। कृषि प्रधान प्रदेश होने के कारण यहां हरेली का विशेष महत्व है। इस दिन किसान अपने नांगर, हल, कृषि औजारों और खेती-किसानी में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं। यह परंपरा समाज में अन्नदाता किसान और कृषि के महत्व को रेखांकित करती है।
उन्होंने कहा कि हरेली पर्व प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का संदेश भी देता है। हरियाली, खेती और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। ऐसे में हरेली के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेना पर्व की भावना को और मजबूत करता है।
किसानों को सशक्त करना सरकार की प्राथमिकता
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले, उनकी आय में वृद्धि हो और खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सके, इस दिशा में सरकार प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि किसान सशक्त होंगे तो गांव मजबूत होंगे और गांवों की मजबूती से छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनेगा। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार की नीतियों का केंद्र किसान हित है।
युवाओं के कौशल और रोजगार पर जोर
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरकार किसानों के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं को कौशल, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। बदलते दौर में युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आधुनिक कौशल से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि अपने कौशल के माध्यम से रोजगार देने वाला और आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के जरिए युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ से जुड़ने की अपील
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि हरेली का संदेश ही हरियाली है। इसलिए इस पर्व पर प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाए और उसकी जिम्मेदारी लेकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरा-भरा छत्तीसगढ़ बनाने का संकल्प ले।
अंत में गुरु खुशवंत साहेब ने हरेली तिहार के अवसर पर प्रदेश के किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं और समस्त नागरिकों के सुख, समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।