गुरुकुल महिला महाविद्यालय के दीक्षारंभ समारोह में शामिल हुए विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा, छात्राओं को दिया सफलता और संस्कारों का मंत्र
रायपुर के गुरुकुल महिला महाविद्यालय में नवप्रवेशी छात्राओं के स्वागत के लिए दीक्षारंभ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने छात्राओं को निरंतर प्रयास, अनुशासन, सकारात्मक सोच, समय के सदुपयोग और संस्कारों के महत्व का संदेश दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर स्थित गुरुकुल महिला महाविद्यालय में नवप्रवेशी छात्राओं के स्वागत के लिए दीक्षारंभ समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में धरसींवा विधायक पद्मश्री अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता का आधार बनाने की प्रेरणा दी।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि अनुज शर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात संस्थान प्रबंधन की ओर से उनका शॉल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व
समारोह को संबोधित करते हुए अनुज शर्मा ने छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि गुरुकुल की यह माटी केवल शिक्षा ही नहीं देती, बल्कि संस्कारों का भी सिंचन करती है। ज्ञान व्यक्ति को पहचान दिला सकता है, लेकिन संस्कार व्यक्तित्व को महान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय तकनीक और तेजी से बदलती दुनिया का दौर है। ऐसे समय में भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों को अपने साथ बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्राओं से अपनी संस्कृति एवं संस्कारों से जुड़े रहते हुए लगातार कुछ नया सीखने के लिए तत्पर रहने का आह्वान किया।
दीक्षारंभ को बताया सपनों को आकार देने का संकल्प
अनुज शर्मा ने छात्र जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन किसी भी व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव तैयार करता है। दीक्षारंभ केवल नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत नहीं, बल्कि अपने सपनों को आकार देने का संकल्प है।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि आज वे जो ज्ञान और शिक्षा प्राप्त करेंगी, उसका प्रभाव आने वाले समय में समाज, प्रदेश और देश के विकास पर पड़ेगा। उन्होंने छात्राओं को केवल सफल नागरिक बनने के बजाय ऐसा व्यक्तित्व विकसित करने की प्रेरणा दी, जिस पर परिवार, समाज और देश गर्व कर सके।
अनुशासन और समय को बताया सफलता की कुंजी
विधायक ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर प्रयास, अनुशासन और सकारात्मक सोच के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने छात्राओं को स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह देते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन में समय सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति है। जो व्यक्ति समय का सम्मान करना सीख जाता है, उसके लिए सफलता की राह आसान होती जाती है।
उन्होंने छात्राओं से असफलताओं और चुनौतियों से घबराने के बजाय उनसे सीख लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियां व्यक्ति को कमजोर करने के बजाय उसे और मजबूत बनाने का अवसर देती हैं।
शिक्षक, पदाधिकारी एवं अभिभावक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में भातखण्डे ललितकला शिक्षा समिति के अध्यक्ष तरल मोदी, शासी निकाय के अध्यक्ष अजय तिवारी, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. संध्या गुप्ता, सचिव शोभा खंडेलवाल सहित संस्थान के शिक्षकगण, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में संस्थान प्रबंधन ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।