ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान बालोद द्वारा हितग्राहियों को राजमिस्त्री प्रशिक्षण, आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) बालोद द्वारा ग्राम पंचायत देवारभाट में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीणों को तकनीकी दक्षता, गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। महिला सहभागिता के साथ यह कार्यक्रम ग्रामीण आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दे रहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद | ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित करने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) बालोद द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जनपद पंचायत बालोद अंतर्गत ग्राम पंचायत देवारभाट में मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को राजमिस्त्री का 30 दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पहले सभी हितग्राहियों की काउंसलिंग की गई, जिससे उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार चयन किया जा सके। यह प्रशिक्षण 26 दिसंबर से प्रारंभ हुआ है, जिसमें कुल 20 हितग्राही भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बनने वाले आवासों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और तकनीकी मानकों के अनुरूप तैयार करना है।
प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को आवास निर्माण में उपयोग होने वाली सामग्री के सही अनुपात, निर्माण कार्य की समय-सीमा, संरचनात्मक मजबूती, आवश्यक सावधानियों एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इस प्रशिक्षण से हितग्राही न केवल अपने आवास का निर्माण बेहतर तरीके से कर सकेंगे, बल्कि भविष्य में राजमिस्त्री के रूप में रोजगार प्राप्त कर अपनी आय भी बढ़ा सकेंगे।
इस कार्यक्रम में महिला सहभागिता विशेष रूप से सराहनीय है। कुल 20 प्रशिक्षणार्थियों में 05 महिलाएं और 15 पुरुष शामिल हैं। 05 महिला हितग्राही राजमिस्त्री का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक पहल है। इससे महिलाओं को तकनीकी कार्यों में दक्षता प्राप्त होगी और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान हितग्राहियों को मनरेगा योजना के अंतर्गत प्रतिदिन 261 रुपये की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। डी.एस.टी. ट्रेनर ललिता नाग द्वारा प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक और तकनीकी ज्ञान प्रदान किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।