सुशासन की रोशनी से संवर रहे हैं जीवन, नेत्रहीन इंद्राणी की राह हुई आसान

सुशासन सप्ताह 2025 के तहत आयोजित “प्रशासन गांव की ओर” शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा नेत्रहीन इंद्राणी निषाद को ब्लाइंड स्टिक प्रदान की गई। इस सहायता से उनके जीवन में आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और सम्मान की नई राह खुली है।

Dec 26, 2025 - 14:27
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सुशासन की रोशनी से संवर रहे हैं जीवन, नेत्रहीन इंद्राणी की राह हुई आसान

  UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। जब जीवन अंधकार से शुरू होता है, तब छोटी-सी सहायता भी उम्मीद की बड़ी किरण बन जाती है। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी है विकासखंड मोहला अंतर्गत ग्राम गुहाटोला की निवासी इंद्राणी निषाद की, जो जन्म से ही नेत्रहीन हैं। 40 वर्ष की आयु में भी उन्होंने साहस, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की कठिन राहों को मजबूती से पार किया है।

इंद्राणी निषाद एक साधारण कृषक परिवार से संबंध रखती हैं। परिवार की आजीविका खेती-किसानी पर निर्भर है। नेत्रहीन होने के कारण उनका जीवन हमेशा चुनौतियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी कमजोरी को अपनी पहचान नहीं बनने दिया। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बावजूद इंद्राणी ने आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का संकल्प बनाए रखा।

सुशासन सप्ताह 2025 के अंतर्गत आयोजित “प्रशासन गांव की ओर” जिला स्तरीय शिविर, ग्राम माडिंग पिंडीग में समाज कल्याण विभाग द्वारा इंद्राणी निषाद को ब्लाइंड स्टिक (सहायक उपकरण) प्रदान की गई। यह उपकरण उनके लिए केवल एक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षित जीवन की दिशा में एक मजबूत सहारा साबित होगा। अब दैनिक गतिविधियों में उन्हें पहले की तुलना में अधिक सुविधा और आत्मविश्वास मिलेगा।

ब्लाइंड स्टिक प्राप्त करते समय इंद्राणी के चेहरे पर संतोष और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी शिविर जरूरतमंदों के जीवन में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव लाते हैं। यह सहायता उनके लिए सम्मान और स्वावलंबन की भावना को और मजबूत करेगी।

इंद्राणी की मां ने भी भावुक होकर बताया कि इस सहयोग से उनकी बेटी का जीवन अब पहले से अधिक सुरक्षित और सहज हो जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन की यह पहल न केवल उनकी बेटी, बल्कि पूरे परिवार के लिए बड़ी राहत है।

सुशासन सप्ताह के तहत आयोजित यह शिविर शासन की संवेदनशीलता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण है। जरूरतमंदों तक सीधी सहायता पहुंचाकर शासन समाज के कमजोर वर्गों के जीवन में रोशनी भरने का कार्य कर रहा है। इंद्राणी निषाद की कहानी इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिला सहयोग किसी के जीवन की दिशा बदल सकता है।