अटल जयंती शताब्दी वर्ष : शंकर नगर में राष्ट्रनायक अटल बिहारी वाजपेयी को नमन, विधायक पुरंदर मिश्रा ने किया सुशासन के आदर्शों का स्मरण
भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के अवसर पर रायपुर के शंकर नगर में उनकी प्रतिमा पर भावपूर्ण माल्यार्पण किया गया। उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने अटल जी के सुशासन, राष्ट्रसेवा और लोकतांत्रिक मूल्यों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प दिलाया।
UNITED NEWS OF ASIA.अमृतेश्वर सिंह, रायपुर। भारत रत्न, प्रखर राष्ट्रवादी विचारधारा के महान स्तंभ, लोकतंत्र के सशक्त प्रहरी और सुशासन के प्रतीक स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्मशताब्दी के पावन अवसर पर रायपुर के शंकर नगर स्थित उनकी प्रतिमा पर भावपूर्ण माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उत्तर विधानसभा के विधायक माननीय पुरंदर मिश्रा ने अटल जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया।
विधायक पुरंदर मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन राष्ट्रसेवा, सुशासन, लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि अटल जी के विचार और सिद्धांत आज भी देश और समाज को सही दिशा दिखाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी राजनीति केवल सत्ता की नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और राष्ट्रनिर्माण की राजनीति थी।
यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी शंकर नगर मंडल द्वारा मंडल अध्यक्ष रामप्रपति जी के नेतृत्व में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान अटल जी के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनकी दूरदर्शी राजनीति, मजबूत लोकतांत्रिक परंपराओं और भारत को वैश्विक पहचान दिलाने वाले ऐतिहासिक योगदानों को भावपूर्ण रूप से स्मरण किया गया।
इस अवसर पर रायपुर जिला अध्यक्ष रमेश सिंह ठाकुर, महामंत्री गुंजन प्रजापति, निशक्तजन आयोग के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, पार्षद राजेश गुप्ता, जिला मंत्री अर्चना हूकरे, प्रदेश प्रवक्ता श्री नलिनेश ठोकने, ज्ञानचंद चौधरी सहित प्रदेश, जिला, मंडल, मोर्चा एवं प्रकोष्ठ के अनेक पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के राष्ट्रनिष्ठा, समरस समाज, सुशासन और विकासशील भारत के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पूरे वातावरण में “अटल जी अमर रहें” के जयघोष से श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति की भावना गूंजती रही। अंत में सभी ने अटल जी के विचारों को आत्मसात करते हुए उनकी पुण्य स्मृतियों को नमन किया और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रण लिया।