वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण पर राज्यों ने साझा किए अनुभव, मलेरिया उन्मूलन पर मंथन

रायपुर में 28 से 30 सितंबर तक GFATM राज्यों की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में मलेरिया सहित वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण, सर्विलांस, समय पर जांच-उपचार और प्रभावी कार्यप्रणालियों पर विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अनुभव साझा किए। वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित भी किया गया।

Sep 29, 2026 - 10:53
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वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण पर राज्यों ने साझा किए अनुभव, मलेरिया उन्मूलन पर मंथन

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत GFATM राज्यों की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक (IMEP-3) का आयोजन 28 से 30 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है। तीन दिवसीय बैठक में GFATM के अंतर्गत शामिल विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय स्तर के विशेषज्ञ, WHO के प्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य मलेरिया सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राज्यों में संचालित गतिविधियों की समीक्षा करना तथा सफल कार्यप्रणालियों और मैदानी अनुभवों को साझा करना है।

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के आयुक्त-सह-संचालक संजीव कुमार झा ने स्वास्थ्य सेवाओं में हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मलेरिया नियंत्रण के लिए उपलब्ध तकनीक और संसाधनों का प्रभावी उपयोग जरूरी है। उनके अनुसार, छत्तीसगढ़ में पिछले दस वर्षों के दौरान मलेरिया के मामलों में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। उन्होंने मलेरिया उन्मूलन के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता बताई।

संजीव कुमार झा ने कहा कि GFATM राज्यों की क्षेत्रीय समीक्षा बैठक विभिन्न राज्यों के लिए एक-दूसरे से सीखने का अवसर है। राज्यों में मलेरिया उन्मूलन के लिए अपनाई जा रही रणनीतियों, निगरानी व्यवस्था और मैदानी स्तर पर किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा करने से आगामी कार्ययोजना को और मजबूत किया जा सकता है। बैठक में विशेषज्ञों के साथ मैदानी कार्यकर्ताओं के अनुभवों पर भी चर्चा की जा रही है।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र, नई दिल्ली के अपर संचालक प्रणब ज्योति भुइयां ने कहा कि वर्ष 2030 तक मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्यों के सतत प्रयास महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में पिछले वर्ष की तुलना में मलेरिया के मामलों में कमी का उल्लेख करते हुए राज्य में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्यकर्मी सम्मानित

कार्यक्रम के दौरान मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण में मैदानी स्तर पर योगदान देने वाले फील्ड वर्कर्स, मितानिन प्रशिक्षकों, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित किया गया। इन स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा समुदाय के बीच जागरूकता, समय पर जांच और उपचार, सर्विलांस तथा मलेरिया नियंत्रण से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने में भूमिका निभाई जा रही है।

बैठक में RLTRI रायपुर के क्षेत्रीय संचालक संदीप जोगदंड, ICMR-NIRTH जबलपुर के संचालक प्रवीण कुमार भारती और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के राज्य कार्यक्रम अधिकारी घनाराम रावटे सहित विभिन्न अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।

बैठक के दौरान राज्यों द्वारा मलेरिया की निगरानी, समय पर जांच एवं उपचार, वेक्टर नियंत्रण, मैदानी गतिविधियों और समुदाय की भागीदारी से जुड़े अनुभव साझा किए जा रहे हैं। साथ ही सफल कार्यप्रणालियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अपनाने और वर्ष 2030 के मलेरिया उन्मूलन लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।